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इन 10 तरह की इनकम पर नहीं लगता 1 रुपए का भी टैक्स, क्या है कारण

इन 10 तरह की इनकम पर नहीं लगता 1 रुपए का भी टैक्स, क्या है कारण

हर कमाने वाले व्यक्ति चाहे वह नौकरीपेशा हो या खुद का काम करता हो सभी को हर वित्त वर्ष इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरना और टैक्स देना होता है. लेकिन Income Tax Act, 1961 के मुताबिक कुछ तरह की आय पर टैक्स नहीं लगता. आइए जानते हैं 10 ऐसी टैक्स-फ्री आय के स्रोत.

कृषि आय

खेती से होने वाली आय पूरी तरह टैक्स-फ्री है, इसकी कोई ऊपरी सीमा नहीं है. हालांकि अगर कृषि आय 5,000 रुपये से ज्यादा हो और कुल आय बेसिक छूट सीमा से ऊपर चली जाए, तो टैक्स की दर तय करने में इसे जोड़ा जा सकता है.

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)

Public Provident Fund में सालाना 1.5 लाख रुपये तक निवेश पर धारा 80C के तहत छूट मिलती है. इसमें मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी रकम पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है.

ईपीएफ निकासी

Employees’ Provident Fund से 5 साल या उससे ज्यादा की लगातार नौकरी के बाद निकासी टैक्स-फ्री होती है. इसमें कर्मचारी और नियोक्ता का योगदान व ब्याज शामिल है.

जीवन बीमा की मैच्योरिटी राशि

Life Insurance Policy की मैच्योरिटी या मृत्यु लाभ पर टैक्स नहीं लगता, बशर्ते प्रीमियम तय सीमा (आमतौर पर बीमा राशि का 10%) से ज्यादा न हो.

स्कॉलरशिप

पढ़ाई के लिए मिलने वाली छात्रवृत्ति 100% टैक्स-फ्री है.

गिफ्ट

माता-पिता, पति/पत्नी, भाई-बहन जैसे करीबी रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट पर कोई टैक्स नहीं. गैर-रिश्तेदार से 50,000 रुपये तक टैक्स-फ्री, इससे ज्यादा होने पर पूरी रकम टैक्सेबल.

वसीयत से मिली संपत्ति

वसीयत या विरासत में मिली संपत्ति पर टैक्स नहीं लगता. लेकिन उससे आगे जो आय होगी (जैसे ब्याज या डिविडेंड) वह टैक्सेबल होगी.

सुकन्या समृद्धि योजना

Sukanya Samriddhi Yojana में निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी रकम—तीनों टैक्स-फ्री हैं.

टैक्स-फ्री बॉन्ड

सरकारी संस्थानों द्वारा जारी टैक्स-फ्री बॉन्ड से मिलने वाला ब्याज टैक्स-मुक्त होता है.

ग्रेच्युटी

सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली ग्रेच्युटी पूरी तरह टैक्स-फ्री है. निजी कर्मचारियों के लिए 20 लाख रुपये तक छूट मिलती है, तय नियमों के अनुसार.

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