Prayagraj/Hisar News: उत्तर प्रदेश एसटीएफ की प्रयागराज यूनिट में तैनात एक दारोगा की अजीबोगरीब घूसखोरी का मामला सामने आया है. प्रयागराज के नवाबगंज थाने में दर्ज एक आपराधिक मुकदमे से नाम बाहर निकालने की एवज में दारोगा पर दो गाय, एक जर्मन शेफर्ड कुत्ता, मेजकुर्सी का फर्नीचर और ऑनलाइन रुपयों की मांग करने का गंभीर आरोप लगा है. हरियाणा के हिसार में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शिकायत, ऑडियो रिकॉर्डिंग और स्क्रीनशॉट के विश्लेषण के बाद प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर दारोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला प्रयागराज के नवाबगंज थाने में 2 सितंबर 2023 को दर्ज मुकदमा संख्या 393 से जुड़ा हुआ है. धोखाधड़ी, जालसाजी की धाराओं के तहत दर्ज इस मुकदमे में यूपी एसटीएफ के दारोगा रणेंद्र कुमार सिंह स्वयं वादी हैं. हरियाणा के हिसार जिले के ब्यानाखेड़ा गांव निवासी मनवीर सिंह उर्फ मन्नू ने आरोप लगाया कि इसी मुकदमे से उसका नाम हटाने के बदले दारोगा रणेंद्र कुमार सिंह ने अलगअलग किस्तों में रिश्वत और सामान की मांग की.
कभी फर्नीचर के लिए 35 हजार तो कभी गायभैंस और कुत्ते की मांग
शिकायतकर्ता द्वारा सौंपे गए ऑडियो रिकॉर्डिंग और व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट के विश्लेषण में घूसखोरी की चौंकाने वाली परतें खुली हैं:
1 फरवरी 2026 की रिकॉर्डिंग: दारोगा ने कथित तौर पर एक दूसरे युवक हिमांशु के माध्यम से स्कैनर भेजकर मेजकुर्सी खरीदने के नाम पर 35 हजार रुपये और फिर 10 हजार रुपये अपने खाते में डलवाए.
3 और 9 फरवरी 2026 की रिकॉर्डिंग: शिकायतकर्ता से दो गाय भेजने की बात सामने आई. इसके बाद दारोगा द्वारा एक गाय, भैंस और एक जर्मन शेफर्ड नस्ल का कुत्ता मांगने का आरोप भी रिकॉर्डिंग के आधार पर सही पाया गया.
6 अक्टूबर को दर्ज हुई एफआईआर
हिसार विजिलेंस ब्यूरो की शुरुआती जांच में दारोगा के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई. हरियाणा पुलिस महानिदेशक कार्यालय से 14 अगस्त 2026 को मुकदमे की सहमति दी गई. इसके बाद 6 अक्टूबर 2026 को हिसार मंडल के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत एफआईआर दर्ज की गई. मामले की आगे की कानूनी और विवेचनात्मक जांच डीएसपी सोमवीर सिंह को सौंपी गई है.


