India Bloc March SC: दिल्ली में आज इंडिया ब्लॉक का सुप्रीम कोर्ट मार्च है। इसमें राहुल गांधी सहित बड़े दिग्गज नेता शामिल होंगे। विभिन्न राज्यों में कांग्रेस नेता प्रोटेस्ट के लिए पहुंचने वाले हैं। इससे पहले ही पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। एमपी के मुरैना में पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है।

दिल्ली रवाना होने से पहले एक्शन
आपको बता दें एमपी के मुरैना से कई कार्यकर्ता दिल्ली कूच करने वाले थे। लेकिन इसके पहले ही पुलिस ने मुरैना ग्रामीण जिला अध्यक्ष मधुराज सिंह तोमर और भिंड शहर जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र भदौरिया को हिरासत में ले लिया है। दिल्ली रवाना होने से पहले कार्रवाई की गई है। गौरतलब है आज दिल्ली में कांग्रेस का सुप्रीम कोर्ट मार्च है। इसके लिए मध्यप्रदेश से पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, उमंग सिंघार समेत विधायक और पदाधिकारी दिल्ली पहुंच चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट में पहले से विचाराधीन हैं मामले
CJI कार्यालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष जिन मुद्दों पर चर्चा करना चाहता था, वे पहले से सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। ऐसे में CJI ने राजनीतिक नेताओं से अलग से मुलाकात करना उचित नहीं माना है।
सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी नेताओं को यह भी बताया गया कि वे अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए अदालत में कानूनी प्रक्रिया के तहत याचिका दायर कर सकते हैं। अदालत में संबंधित मुद्दों पर सुनवाई का रास्ता खुला है।
12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च की तैयारी
राहुल गांधी ने 12 अक्टूबर को विपक्षी दलों, नागरिक संगठनों और युवाओं के साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की घोषणा की थी। इस दौरान CJI को ज्ञापन सौंपने की योजना थी। राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार शाम 4 से 5 बजे के बीच मुलाकात के लिए समय मांगा था।
ज्ञापन में विपक्ष की मांगें?
विपक्षी नेताओं के प्रस्तावित ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्न मांगें शामिल थीं
चुनाव में कथित वोट चोरी रोकने के लिए कार्रवाई।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को रोकना।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग।
चुनाव में बैलेट पेपर से मतदान की व्यवस्था बहाल करना।
राष्ट्रपति से भी मिल चुके हैं विपक्षी नेता
इससे पहले 9 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा था। विपक्ष चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी चिंताएं उठा रहा है। अब CJI से मुलाकात नहीं होने के बाद 12 अक्टूबर के प्रस्तावित मार्च पर सबकी नजर है।
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