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​Bike Loan EMI Default Rules: लगातार किश्त नहीं चुकाई तो क्या बैंक जब्त कर सकता है आपकी बाइक? जानिेए अपने अधिकार

Bike Loan EMI Default Rules: आजकल हर कोई बाइक चलाने का शौकिन है, ऐसे में जब बाइक लेने के लिए पैसे कम पड़ जाते हैं, तो लोग फाइनेंस कंपनी से लोन का ले लेते हैं। फिर टेंशन रहती है कि हर महिने समय पर किश्त चुकानी है। लेकिन कई बार नौकरी चले जाने, बीमार होने या कोई वित्तीय संकट की वजह से हम समय पर EMI नही भर पाते हैं, ऐसे में किश्त भरने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है और लंबे समय तक नौकरी न मिलने या बीमार रहने की वजह से हम EMI नही भर पाते है। अब ऐसे में सवाल ये उठता है कि अगर लंबे समय तक EMI नहीं भरी तो क्या होगा?

​Bike Loan EMI Default Rules: लगातार किश्त नहीं चुकाई तो क्या बैंक जब्त कर सकता है आपकी बाइक? जानिेए अपने अधिकार

किश्त मिस होने पर क्या होता है?

शुरुआती किश्त मिस होने पर बैंक आपको रिमाइंडर भेजता है और साथ ही आपको पेनाल्टी भी देनी पड़ती है। पहली ही किश्त बाउंस होने को बैंक बहुत गंभीरता से लेते हैं, क्योंकि इससे आपका रीपेमेंट बिहेवियर खराब दिखता है।

नुकसान और पेनाल्टी

1. लोन बाउंसिंग चार्ज जब बैंक आपके अकाउंट से ऑटोडेबिट करने की कोशिश करता है और पैसे न होने पर वह फेल हो जाता है, तो बैंक ₹250 से ₹500+ GST तक का बाउंसिंग चार्ज काटते हैं।

2. किश्त की तारीख निकलने के बाद बैंक कुल ओवरड्यू अमाउंट पर एक तय फीस या पेनाल्टी इंटरेस्ट आमतौर पर 2% से 3% प्रति महीना लगाते हैं।

3. अगर आप किश्त देने में 30 दिन से अधिक लेट होते हैं, तो बैंक इसकी रिपोर्ट सिबिल को भेज देता है।  

 4. पहली ही EMI मिस होने से आपका क्रेडिट स्कोर /सिबिल स्कोर तेजी से गिर सकता है। इससे भविष्य में आपको दूसरा लोन या क्रेडिट कार्ड मिलने में बहुत मुश्किल होगी।

5. 90 दिनों तक नहीं करता है, तो उस लोन अकाउंट को बैंक एनपीए घोषित कर देता है।

बाइक हो सकती जब्त, जाने आपके अधिकार

1.  लंबे समय तक भुगतान न करने की स्थिति में बैंक को कानूनी प्रक्रिया के तहत वाहन जब्त करने का अधिकार होता है।  

2. सुप्रीम कोर्ट के नियमों के अनुसार, बैंक बिना उचित नोटिस दिए या जबरन मारपीट करके गाड़ी नहीं उठा सकते हैं

3.नोटिस की अवधि खत्म होने के बाद ही बैंक बाइक को सीज या जब्त करने की प्रक्रिया शुरू करता है। 
 
4. आप बैंक से बात करके लोन रीशेड्यूल या एकमुश्त समाधान का आग्रह भी कर सकते हैं।

किश्त न देने पर क्या करें?

1. यदि किसी आर्थिक समस्या के कारण आप किश्त नहीं भर पा रहे हैं, तो तुरंत बैंक या फाइनेंस कंपनी से बात ) करें।

2. आप बैंक से ईएमआई की राशि कम करने या लोन की अवधि बढ़ाने का अनुरोध कर सकते हैं।

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