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सतना जेल से रिहाई से 9 महीने: पहले फरार हुआ कैदी, पत्नी की हत्या के मामले में काट चुका था 13 साल की सजा.

सतना जेल से रिहाई से 9 महीने: पहले फरार हुआ कैदी, पत्नी की हत्या के मामले में काट चुका था 13 साल की सजा.

सतना: मध्य प्रदेश के सतना सेंट्रल जेल से एक कैदी के फरार होने का मामला सामने आया है। पत्नी की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा 52 वर्षीय कैदी शौचालय जाने की बात कहकर निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा। हैरानी की बात यह है कि वह करीब 13 साल 4 महीने जेल में बिता चुका था और उसकी संभावित रिहाई में महज 9 महीने का समय बाकी था। घटना के बाद जेल प्रशासन ने उसकी तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की हैं।

गौशाला में काम करने के लिए निकला था कैदी

जेल प्रशासन के मुताबिक, फरार कैदी की पहचान अच्छेलाल प्रजापति (52) के रूप में हुई है। वह मध्य प्रदेश के अमरपाटन तहसील के पड़क्का गांव का रहने वाला है। पत्नी की हत्या के मामले में उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह अच्छेलाल रोज की तरह जेल परिसर में गौशाला और साफ-सफाई से जुड़े काम के लिए निकला था। सुबह करीब 11 से 12 बजे के बीच उसने अपने प्रभारी प्रहरी से शौचालय जाने की बात कही। इसके बाद वह जेल परिसर में मंदिर के पास बने शौचालय की ओर चला गया।

काफी समय बीतने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटा, तो उसकी तलाश शुरू की गई। तलाशी के दौरान उसका पता नहीं चला और बाद में उसके फरार होने की जानकारी सामने आई।

13 साल 4 महीने की सजा काट चुका था कैदी

जेल अधीक्षक लीना कोस्टा के मुताबिक, अच्छेलाल अब तक करीब 13 साल 4 महीने की वास्तविक सजा काट चुका था। उसकी संभावित रिहाई आगामी जनवरी में बताई गई थी। यानी जेल से बाहर आने में उसे लगभग नौ महीने का समय बाकी था।

रिपोर्ट के अनुसार, वह अपनी सजा के दौरान करीब 15 बार पैरोल पर भी जेल से बाहर जा चुका था। बताया गया कि अगले कुछ दिनों में उसे नियमित पैरोल मिलने की संभावना भी थी। हालांकि, पैरोल मिलने से पहले ही उसके जेल से फरार होने की घटना सामने आ गई।

सुरक्षा व्यवस्था और प्रहरियों की भूमिका की जांच

कैदी के फरार होने के बाद जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की ओर से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कैदी जेल परिसर से बाहर कैसे निकला और उस समय ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की क्या भूमिका थी।

प्रशासन ने कैदी की तलाश के लिए दो से तीन विशेष टीमें गठित कर रवाना किए जाने की जानकारी दी है। साथ ही, प्रारंभिक जांच में यदि कोई प्रहरी लापरवाही का दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है।

रिहाई करीब थी, फिर भी फरार होने से बढ़ी चिंता

इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि कैदी लंबे समय से सजा काट रहा था और उसकी संभावित रिहाई में कुछ ही महीने बाकी थे। इसके बावजूद उसके फरार होने से जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

फिलहाल कैदी की तलाश और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जांच जारी है। उसके जेल से बाहर निकलने के तरीके और सुरक्षा में संभावित चूक को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आने बाकी हैं।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है। फरार होने की घटना और जांच से जुड़े विवरणों में आधिकारिक जांच के बाद बदलाव संभव है।

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