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लखनऊ: छेड़खानी, अनचाहे कॉल: और घरेलू हिंसा से परेशान महिलाओं का सहारा बने पिंक बूथ, रात में भी मिलती है मदद.

लखनऊ: छेड़खानी, अनचाहे कॉल: और घरेलू हिंसा से परेशान महिलाओं का सहारा बने पिंक बूथ, रात में भी मिलती है मदद.

लखनऊ: छेड़खानी, अनचाहे फोन कॉल, घरेलू कलह और मारपीट जैसी समस्याओं से जूझ रही महिलाओं के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के पिंक बूथ मददगार साबित हो रहे हैं। राजधानी के हजरतगंज इलाके में मिशन शक्ति के तहत बनाए गए चार पिंक बूथ महिलाओं को शिकायत दर्ज कराने, अपनी परेशानी बताने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगह पर रुकने की सुविधा दे रहे हैं। यहां महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के कारण महिलाएं अपनी समस्याएं खुलकर सामने रख पा रही हैं।

हजरतगंज में चार पिंक बूथ सक्रिय

हजरतगंज कोतवाली की मिशन शक्ति प्रभारी सब-इंस्पेक्टर शारदा सिंह के मुताबिक, इलाके में चार पिंक बूथ सक्रिय हैं। इन्हें ऐसे स्थानों पर बनाया गया है, जहां महिलाओं और लड़कियों की आवाजाही अधिक रहती है।

इन बूथों का उद्देश्य सिर्फ शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि जरूरत के समय महिलाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना भी है। यदि कोई महिला या लड़की देर रात अकेली है, किसी परिचित या सवारी का इंतजार कर रही है और खुद को असुरक्षित महसूस करती है, तो वह मदद के लिए पिंक बूथ पहुंच सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यहां दिन और रात की शिफ्ट में महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है, ताकि जरूरतमंद महिलाओं को सहायता मिल सके।

घरेलू कलह और मारपीट की शिकायतें ज्यादा

पिंक बूथ पर आने वाली शिकायतों में घरेलू विवाद, पति की शराब पीने की आदत और मारपीट से जुड़े मामले प्रमुख हैं। पुलिस के अनुसार, कई महिलाएं शिकायत लेकर तो आती हैं, लेकिन शुरुआत में मुकदमा दर्ज कराने के बजाय चाहती हैं कि पुलिस उनके पति को समझाए और भविष्य में हिंसा न करने की चेतावनी दे।

ऐसे मामलों में, जहां महिला समझौता या काउंसलिंग चाहती है और परिस्थितियां इसकी अनुमति देती हैं, पुलिस दोनों पक्षों की बात सुनकर विवाद सुलझाने का प्रयास करती है। हालांकि, गंभीर हिंसा या अन्य अपराधों में केवल समझौता ही पर्याप्त नहीं होता। ऐसे मामलों में पीड़िता की सुरक्षा और कानून के अनुसार कार्रवाई महत्वपूर्ण होती है।

अनचाहे कॉल और मैसेज से परेशान लड़कियां भी पहुंचती हैं

कॉलेज जाने वाली छात्राओं और कामकाजी महिलाओं को अनचाहे फोन कॉल, मैसेज और परेशान करने वाली हरकतों का सामना करना पड़ता है। ऐसी शिकायतें भी पिंक बूथ तक पहुंचती हैं।

कुछ महिलाएं शुरुआत में संबंधित व्यक्ति को चेतावनी दिलवाकर समस्या खत्म करना चाहती हैं। लेकिन यदि मामला छेड़खानी, धमकी या गंभीर उत्पीड़न का हो और कानूनी कार्रवाई जरूरी हो, तो पुलिस शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकती है।

महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से शिकायतकर्ताओं को अपनी बात बताने में सहूलियत मिलती है। खासकर वे महिलाएं, जो निजी या पारिवारिक समस्याओं पर खुलकर बात करने में झिझकती हैं, यहां अपनी परेशानी साझा कर सकती हैं।

दूसरे जिलों से आने वाली महिलाओं को भी मदद

हजरतगंज राजधानी का महत्वपूर्ण और व्यस्त इलाका है। यहां केवल स्थानीय महिलाएं ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के दूसरे जिलों से आने वाली महिलाएं भी अपनी शिकायत लेकर पहुंचती हैं।

कई बार किसी महिला को लेने के लिए उसके परिवार या परिचितों का कोई सदस्य समय पर नहीं पहुंच पाता। ऐसी परिस्थितियों में मिशन शक्ति केंद्र जरूरत के अनुसार उसे सुरक्षित स्थान पर रुकने में मदद कर सकता है। इससे खासकर उन महिलाओं को सहारा मिलता है, जो देर रात या किसी परेशानी के दौरान अकेली रह जाती हैं।

पिंक बूथ का उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाना

पिंक बूथ और मिशन शक्ति हेल्प डेस्क का मकसद महिलाओं को ऐसी जगह उपलब्ध कराना है, जहां वे बिना झिझक अपनी शिकायत बता सकें और उचित सहायता प्राप्त कर सकें।

घरेलू हिंसा, छेड़खानी या लगातार परेशान किए जाने की स्थिति में समय पर शिकायत करना और सुरक्षा के लिए मदद लेना जरूरी है। पिंक बूथ जैसी व्यवस्थाएं महिलाओं को पुलिस तक पहुंचने का एक अतिरिक्त रास्ता देती हैं। हालांकि, इनकी वास्तविक प्रभावशीलता शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई और पीड़िताओं को लगातार सहायता मिलने पर भी निर्भर करती है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और संबंधित पुलिस अधिकारी के बयानों के आधार पर तैयार की गई है। स्थानीय स्तर पर सुविधाओं और ड्यूटी व्यवस्था की जानकारी में बदलाव संभव है।

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