
कभी बेटे के नाम का एक छोटा-सा टैटू बनवाने से शुरू हुआ शौक आज एक अनोखी पहचान बन चुका है। कनाडा के रहने वाले जेरेमी ‘रेमी’ स्कोफील्ड ने अपने शरीर के 90 प्रतिशत से अधिक हिस्से पर टैटू बनवा रखे हैं। उनकी त्वचा पर स्याही की कई परतें हैं और शरीर के कुछ हिस्सों पर बार-बार टैटू बनवाए गए हैं। इसी अनोखी उपलब्धि के चलते उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ।
2005 में बेटे के नाम से शुरू हुआ था सफर
जेरेमी स्कोफील्ड का टैटू बनवाने का सफर साल 2005 में शुरू हुआ था। उस समय उन्होंने अपनी बाईं बांह पर अपने बेटे के नाम का टैटू बनवाया था। शुरुआत में यह उनके लिए केवल एक व्यक्तिगत याद को शरीर पर संजोने का तरीका था, लेकिन धीरे-धीरे टैटू बनवाना उनका जुनून बन गया।
कनाडा के अल्बर्टा में रहने वाले जेरेमी बॉडी मॉडिफिकेशन में भी रुचि रखते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके शरीर पर 100 से अधिक पियर्सिंग भी हैं। समय के साथ उन्होंने टैटू बनवाने के अपने शौक को लगातार आगे बढ़ाया और उनका शरीर एक अलग तरह की पहचान बन गया।
त्वचा पर टैटू की करीब 40 परतें
जेरेमी के शरीर का 90 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा टैटू से ढका बताया जाता है। उनकी त्वचा पर करीब 40 परतों तक टैटू बनवाने का दावा किया गया है। कुछ हिस्सों पर 100 से अधिक बार टैटू बनवाए जाने की बात भी सामने आई है।
यह प्रक्रिया केवल एक बार टैटू बनवाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि वर्षों तक लगातार चलती रही। इसी लंबे सफर और शरीर पर टैटू के व्यापक कवरेज ने उन्हें गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह दिलाई।
जेरेमी के लिए यह उपलब्धि सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे उनके जुनून की पहचान है। उन्होंने इस सफर में समय, धैर्य और काफी मेहनत लगाई है।
चेहरा टैटू से ज्यादातर क्यों रखा दूर?
शरीर के अधिकांश हिस्से पर टैटू बनवाने के बावजूद जेरेमी ने अपने चेहरे को काफी हद तक टैटू से दूर रखा है। इसकी वजह भी उनकी व्यक्तिगत पसंद से जुड़ी बताई जाती है।
वह चाहते हैं कि जब भी आईने में खुद को देखें, तो अपना चेहरा आसानी से पहचान सकें। चेहरे को अपेक्षाकृत सामान्य बनाए रखने का उनका फैसला दिखाता है कि शरीर पर बड़े बदलाव करने के बावजूद वह अपनी पहचान के इस हिस्से को अलग रखना चाहते हैं।
शरीर बना चलता-फिरता कैनवास
जेरेमी स्कोफील्ड की कहानी उन लोगों के लिए दिलचस्प है, जो बॉडी आर्ट और टैटू की दुनिया में रुचि रखते हैं। उनके शरीर पर बने टैटू वर्षों की पसंद और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का हिस्सा हैं।
हालांकि, टैटू बनवाना व्यक्तिगत फैसला है और इसे कराने से पहले त्वचा की सुरक्षा, संक्रमण के जोखिम और साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। जेरेमी का सफर अनोखा जरूर है, लेकिन हर व्यक्ति के लिए शरीर में इतने बड़े बदलाव कराना जरूरी या उपयुक्त नहीं होता।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से जुड़ी प्रकाशित जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। रिकॉर्ड और व्यक्तिगत विवरणों की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से की जानी चाहिए।



