Chief Justice Ssuryakant INDIA Alliance: दिल्ली में INDIA ब्लॉक के सांसदों से मिलने से मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि अदालत के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर भारतीय नागरिक को अदालत जाने का अधिकार है और सभी याचिकाओं का स्वागत किया जाएगा।

क्या कहा CJI ने
‘वोट चोरी’ के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी INDIA ब्लॉक के प्रस्तावित सुप्रीम कोर्ट मार्च के बीच भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत का बड़ा बयान सामने आया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा मिलने का समय मांगने पर CJI ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पत्र का जवाब देकर अपनी असमर्थता और वजहों से उन्हें अवगत करा दिया है।
CJI सूर्यकांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट देश के हर नागरिक और जनप्रतिनिधि के लिए खुला है और कोई भी अपनी बात न्यायिक याचिका के माध्यम से रख सकता है, जिसका अदालत कानून के तहत निपटारा करेगी। हालांकि, उन्होंने पत्र की गोपनीयता बनाए रखते हुए कारणों का सार्वजनिक खुलासा करने से इनकार किया और दिल्ली में जारी विरोधप्रदर्शन को कानूनव्यवस्था का विषय बताया।
दिल्ली रवाना होने से पहले एक्शन
आपको बता दें एमपी के मुरैना से कई कार्यकर्ता दिल्ली कूच करने वाले थे। लेकिन इसके पहले ही पुलिस ने मुरैना ग्रामीण जिला अध्यक्ष मधुराज सिंह तोमर और भिंड शहर जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र भदौरिया को हिरासत में ले लिया है। दिल्ली रवाना होने से पहले कार्रवाई की गई है। गौरतलब है आज दिल्ली में कांग्रेस का सुप्रीम कोर्ट मार्च है। इसके लिए मध्यप्रदेश से पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, उमंग सिंघार समेत विधायक और पदाधिकारी दिल्ली पहुंच चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट में पहले से विचाराधीन हैं मामले
कार्यालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष जिन मुद्दों पर चर्चा करना चाहता था, वे पहले से सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। ऐसे में CJI ने राजनीतिक नेताओं से अलग से मुलाकात करना उचित नहीं माना है।
सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी नेताओं को यह भी बताया गया कि वे अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए अदालत में कानूनी प्रक्रिया के तहत याचिका दायर कर सकते हैं। अदालत में संबंधित मुद्दों पर सुनवाई का रास्ता खुला है।
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