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​Pet Dog Bite Law: पालतू कुत्ते के काटने पर मालिक पर होगी कार्रवाई? जानें कानून

Pet Dog Bite Law: अगर आपके घर में पालतू कुत्ता है या आप कुत्ता पालने की सोच रहें हैं, तो आपके लिए ये जरुरी खबर हो सकती है। आजकल हर दूसरा व्यक्ति अपने घर पर कुत्ता पालता है, ऐसे में कई लोग कुत्ते को घर की सदस्य की तरह अपने साथ रखते हैं। अगर आप कुत्ता पालते हैं तो आपको इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि आपके कुत्ते और उससे किसी को दिक्कत न हो। क्योंकि अगर आपका कुत्ता किसी दूसरे व्यक्ति को काट लेता है, तो इससे आपको परेशानी उठानी पड़ सकती है। 

​Pet Dog Bite Law: पालतू कुत्ते के काटने पर मालिक पर होगी कार्रवाई? जानें कानून

फिर आपको घायल व्यक्ति का इलाज तो करवाना ही पड़ेगा। साथ ही आप पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। आइए जानते हैं पालतू कुत्ते के काटने पर सजा के क्या प्रावधान हैं? 

कानून और सजा का प्रावधान

पालतू कुत्ते के काटने पर मालिक की लापरवाही साबित होने पर भारतीय न्याय संहिता और भारतीय दंड संहिता के तहत कानूनी कार्रवाई और सजा का प्रावधान है। 

1. भारतीय न्याय संहिता की धारा 291 यह धारा पुराने भारतीय दंड संहिता की धारा 289 की जगह ली गई है। इसके अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अपने पालतू कुत्ते को लेकर सावधानी नहीं बरतते और इससे अगर पालतू कुत्ता किसी को काट देता है या गंभीर चोट पहुंचाता है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

2. इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर 6 महीने तक की जेल हो सकती है, इतना ही नहीं उन्हें ₹5,000 तक का जुर्माना भी भरना पड़ सकता है।  

3.  अगर कुत्ते के काटने से किसी व्यक्ति को हल्की या सामान्य चोट आती है। तो उसे IPC धारा 337 के तहत सजा दी जाएगी।

वहीं अगर गंभीर चोट पहुंचती है  तो IPC धारा 338 तहत सजा और बढ़ सकती है।

4. कर्नाटक और हरियाणा जैसे कुछ राज्यों में कुत्ते के काटने से मौत होने या दिव्यांगता आने पर ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता या मुआवजा दिया जाता है। वहीं नॉर्मल चोट आने पर कुछ जगहों पर ₹5,000 का प्रावधान है।

 बचाव और मुख्य बातें

1. यह एक जमानती अपराध है, इसलिए मालिक को आसानी से जमानत मिल सकती है।

2. यदि कुत्ते का टीकाकरण पूरा नहीं था, बिना पट्टे या बिना मुंहबंदी के सार्वजनिक स्थान पर घुमाया गया था, तो लापरवाही का मामला मजबूत हो जाता है।

3. आप स्थानीय नगर निगम के नियमों का पालन करके और कुत्ते को नियंत्रित रखकर ऐसी कानूनी मुश्किलों से बच सकते हैं।
 

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