
मुंबई में एक समय ऐसा भी था, जब गरबा जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों पर अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोगों का कथित प्रभाव देखने को मिलता था। त्योहारों के दौरान पंडाल लगाए जाते थे, लेकिन इन आयोजनों को लेकर चंदे के नाम पर व्यापारियों और कंपनियों से मोटी रकम वसूलने के आरोप भी सामने आते थे। उस दौर में सांस्कृतिक उत्सवों के साथ-साथ जबरन वसूली की घटनाएं भी चर्चा का विषय बनी रहती थीं।
करीब 2005 तक जारी रहा कथित उगाही का सिलसिला
1993 के मुंबई बम धमाकों की जांच टीम का हिस्सा रहे पूर्व सहायक पुलिस आयुक्त सुरेश वालीशेट्टी ने मुंबई के उस दौर से जुड़ी जानकारी साझा की है। उनके मुताबिक, अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोग गरबा पंडालों का आयोजन करते थे और चंदे के नाम पर व्यापारियों से रकम वसूलने का सिलसिला करीब 2005 तक जारी रहा।
बताया जाता है कि उस समय मुंबई में अंडरवर्ल्ड का प्रभाव कारोबार जगत के लिए बड़ी चुनौती माना जाता था। व्यापारियों और कंपनियों पर कथित तौर पर अलग-अलग आयोजनों के नाम पर पैसा देने का दबाव बनाया जाता था।
धार्मिक आयोजनों की आड़ में उगाही के आरोप
गरबा और नवरात्रि जैसे आयोजन आमतौर पर धार्मिक आस्था, सामुदायिक भागीदारी और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े होते हैं। लेकिन पूर्व पुलिस अधिकारी के बयान के अनुसार, उस दौर में कुछ अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोग इन आयोजनों का इस्तेमाल कथित तौर पर धन जुटाने के लिए भी करते थे।
चंदे के नाम पर रकम मांगे जाने और व्यापारियों पर दबाव बनाए जाने के आरोप मुंबई में संगठित अपराध के पुराने तौर-तरीकों की ओर इशारा करते हैं। हालांकि, हर गरबा आयोजन या आयोजक को इस तरह की गतिविधियों से जोड़ना उचित नहीं होगा।
मुंबई के अंडरवर्ल्ड के दौर की यादें फिर चर्चा में
पूर्व पुलिस अधिकारी के इस बयान से मुंबई में संगठित अपराध के उस दौर को लेकर चर्चा फिर तेज हो सकती है, जब अंडरवर्ल्ड का असर कारोबार और सार्वजनिक गतिविधियों तक महसूस किए जाने की बात कही जाती थी।
समय के साथ मुंबई में कानून-व्यवस्था और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई में बदलाव आया। पुराने घटनाक्रमों से यह समझने में मदद मिलती है कि किस तरह अपराधी नेटवर्क कथित तौर पर सामाजिक आयोजनों और कारोबार से जुड़े संपर्कों का इस्तेमाल अपने प्रभाव को बढ़ाने के लिए करते थे।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट और पूर्व पुलिस अधिकारी के बयान में दी गई जानकारी पर आधारित है। चंदे के नाम पर उगाही से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि यहां उपलब्ध विवरण से नहीं होती है।



