Rupee vs Dollar: भारतीय करेंसी बाजार से बड़ी राहत वाली खबर आई है. अमेरिकी डॉलर के सामने लगातार दबाव झेल रहे रुपये ने शानदार वापसी की है. ये लगातार दूसरा दिन है जब भारतीय मुद्रा मजबूती के साथ ट्रेड कर रही है. बाजार खुलते ही रुपये में 62 पैसे का बड़ा उछाल दिखा. इसके बाद ये 95.16 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया. सोमवार को जब बाजार बंद हुआ था, तब डॉलर का भाव 95.78 रुपये था. इस शानदार रिकवरी के पीछे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के उन कड़े फैसलों का हाथ है, जो हाल ही में लिए गए हैं.

इंपोर्टर्स पर पड़ा सीधा असर
रुपये में आई इस मजबूती का बाजार पर मिलाजुला असर दिख रहा है. वित्तीय सलाहकार फर्म फिनरेक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार अब डॉलर खरीदने में बहुत सावधानी बरत रहा है. एक महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर रुपये के बंद होने से छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है. उन्हें अब अपने विदेशी पेमेंट करने के लिए डॉलर खरीदने में आसानी हो रही है. वहीं दूसरी तरफ बड़े इंपोर्टर्स के लिए थोड़ी चुनौती बढ़ गई है. उन्हें अपनी पोजिशन को सुरक्षित रखने के लिए बैंकों को एफईआरआर के रूप में अतिरिक्त चार्ज देना पड़ रहा है.
सट्टेबाजी रोकने की पुख्ता तैयारी
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक विदेशी मुद्रा के जानकारों ने बताया कि इस मजबूती के पीछे कुछ खास रणनीतियां काम कर रही हैं. तेल मार्केटिंग कंपनियों को डॉलर के लिए एक अलग सुविधा दी गई है. विदेशी मुद्रा की हेजिंग से जुड़े ट्रांजैक्शन की लागत भी बढ़ा दी गई है. इन उपायों से हाजिर बाजार में डॉलर की मांग घटी है. सबसे बड़ा फायदा ये हुआ है कि रुपये के खिलाफ जो सट्टेबाजी हो रही थी, उस पर काफी हद तक लगाम लग गई है. इसी का नतीजा है कि इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपया 95.53 पर खुलने के बाद एक समय 94.96 तक पहुंच गया था. ये पिछले बंद भाव के मुकाबले 82 पैसे की जबरदस्त बढ़त थी.
एशियाई मुद्राओं का बुरा हाल
एक तरफ भारतीय रुपया मजबूत हो रहा है, वहीं एशिया के बाकी देशों की मुद्राओं का प्रदर्शन फीका रहा. अमेरिकी डॉलर के सामने ज्यादातर एशियाई करेंसीज औंधे मुंह गिरी हैं. सबसे ज्यादा नुकसान दक्षिण कोरियाई वॉन को हुआ, जिसमें 0.214 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. ताइवान डॉलर भी 0.175 फीसदी नीचे आ गया. इसके अलावा फिलीपीन पेसो, इंडोनेशियाई रुपिया, थाई बहत, चीनी रेनमिनबी से लेकर मलेशियाई रिंगित तक में मामूली गिरावट देखने को मिली. हालांकि जापानी येन ने 0.152 फीसदी की बढ़त दर्ज की, जबकि सिंगापुर डॉलर में कोई बदलाव नहीं हुआ. इस दौरान दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत मापने वाला डॉलर इंडेक्स 0.15 फीसदी गिरकर 102.43 पर कारोबार कर रहा था.
RBI के कदम का दिखा असर
रिजर्व बैंक ने रुपये को गिरने से बचाने के लिए शनिवार को कई अहम घोषणाएं की थीं. केंद्रीय बैंक ने फॉरेक्स डेरिवेटिव्स ट्रेड के नियमों को काफी सख्त कर दिया है. बैंकों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि 2 मिलियन डॉलर से ज्यादा की खरीद पर उन्हें 20 फीसदी का रिजर्व रखना होगा. इसके अलावा एक और कड़ा नियम लागू किया गया है. अधिकृत डीलरों को अब ये इजाजत नहीं है कि वे ग्राहकों को भारतीय रुपये से जुड़े किसी भी ऐसे विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट को दोबारा बुक करने दें, जिसे पहले रद्द किया जा चुका हो. इन सभी फैसलों ने मिलकर रुपये को एक मजबूत सुरक्षा कवच दिया है.



