
मुल्तान: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 की सुबह एक बड़ा रेल हादसा सामने आया। मुल्तान के पास शेर शाह ब्रिज के निकट कराची से पेशावर जा रही रहमान बाबा एक्सप्रेस के डिब्बे पटरी से उतर गए। शुरुआती मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 49 अन्य घायल हुए हैं। दुर्घटना के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
यह हादसा सुबह करीब 5:15 बजे शेर शाह स्टेशन क्षेत्र के पास हुआ। घटना के बाद रेल यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को मुल्तान के निश्तर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
अचानक झटका लगने के बाद पटरी से उतरे डिब्बे
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हादसे के समय ट्रेन कराची से पेशावर की ओर जा रही थी। ट्रेन के चालक ने बताया कि सिग्नल स्पष्ट था और शेर शाह स्टेशन क्षेत्र से गुजरते समय अचानक तेज झटका महसूस हुआ। इसके बाद उसने ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकने की कोशिश की।
चालक के मुताबिक, इंजन से बाहर निकलकर पीछे देखने पर पता चला कि यात्री डिब्बे पटरी से उतरकर दूर जा गिरे थे। हालांकि, हादसे की असली वजह क्या थी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। दुर्घटना के कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
6 लोगों की मौत, 49 घायल
प्रारंभिक रिपोर्टों में हादसे में 6 लोगों की मौत और 49 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है। सभी घायलों को मुल्तान के निश्तर अस्पताल ले जाया गया। हादसे की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल में आपातकालीन व्यवस्था सक्रिय किए जाने की खबर है।
रेस्क्यू 1122 के अधिकारी मुहम्मद अरशद के अनुसार, दुर्घटनास्थल पर राहत-बचाव अभियान चलाया जा रहा था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बचाव कार्य के दौरान घायलों को निकालने और उन्हें चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया गया।
मृतकों और घायलों की पहचान तथा उनकी स्थिति के संबंध में आगे की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी। शुरुआती आंकड़ों में बदलाव भी हो सकता है।
पाकिस्तान रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस हादसे के बाद पाकिस्तान रेलवे में पटरियों के रखरखाव और रेल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उपलब्ध रिपोर्ट में पिछले कुछ महीनों के दौरान हुई अन्य रेल दुर्घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त और जुलाई में भी पाकिस्तान के अलग-अलग इलाकों में कई ट्रेनों के डिब्बे पटरी से उतरने या इंजन में खराबी आने की घटनाएं सामने आई थीं। अक्टूबर की शुरुआत में भी कुछ रेल सेवाओं से जुड़ी ऐसी घटनाओं का जिक्र किया गया है।
इन घटनाओं के बीच रेलवे के बुनियादी ढांचे के रखरखाव, पटरियों की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों के पालन पर ध्यान देने की जरूरत बताई जा रही है। हालांकि, रहमान बाबा एक्सप्रेस दुर्घटना को पिछली घटनाओं से जोड़ने या इसके पीछे किसी विशेष लापरवाही को जिम्मेदार ठहराने के लिए जांच के निष्कर्ष जरूरी हैं।
हादसे की जांच से सामने आएगी दुर्घटना की वजह
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता घायलों को उपचार उपलब्ध कराना और दुर्घटनास्थल पर बचाव अभियान पूरा करना है। इसके बाद हादसे के कारणों, पटरी की स्थिति, ट्रेन के संचालन और संबंधित सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की जा सकती है।
अभी उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि दुर्घटना तकनीकी खराबी, पटरी में किसी समस्या या किसी अन्य कारण से हुई। जांच के बाद ही जिम्मेदारी और दुर्घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों में दी गई शुरुआती जानकारी पर आधारित है। मृतकों और घायलों की संख्या तथा दुर्घटना से जुड़े अन्य विवरणों में आधिकारिक अपडेट के साथ बदलाव संभव है। हादसे के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।



