HealthIndiaTrending

प्रोटीन पाउडर की जगह: खाएं ये 6 शाकाहारी फूड्स, बादाम से दाल और ग्रीक योगर्ट तक मिल सकता है भरपूर प्रोटीन

प्रोटीन पाउडर की जगह: खाएं ये 6 शाकाहारी फूड्स, बादाम से दाल और ग्रीक योगर्ट तक मिल सकता है भरपूर प्रोटीन

मांसपेशियां मजबूत बनाने, शरीर की मरम्मत और फिटनेस बनाए रखने के लिए प्रोटीन बेहद जरूरी पोषक तत्व है। जिम जाने वाले लोगों से लेकर रोजमर्रा की जिंदगी में सक्रिय रहने वालों तक, कई लोग अपनी प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए प्रोटीन पाउडर का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या प्रोटीन पाने के लिए सप्लीमेंट लेना जरूरी है? ऐसा नहीं है। कई शाकाहारी खाद्य पदार्थ भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं और संतुलित डाइट के जरिए शरीर की जरूरत पूरी करने में मदद कर सकते हैं।

बादाम, पनीर, ग्रीक योगर्ट, दालें, क्विनोआ और मूंगफली जैसे खाद्य पदार्थ प्रोटीन के साथ दूसरे जरूरी पोषक तत्व भी देते हैं। हालांकि, इनमें प्रोटीन की मात्रा अलग-अलग होती है। यह भी जरूरी है कि केवल एक या दो खाद्य पदार्थों पर निर्भर रहने के बजाय दिनभर का भोजन संतुलित रखा जाए।

क्या प्रोटीन पाउडर की जगह प्राकृतिक खाद्य पदार्थ ले सकते हैं?

कई लोगों के लिए भोजन से ही पर्याप्त प्रोटीन मिल सकता है। दालें, दूध से बने खाद्य पदार्थ, सोया, मेवे, बीज और साबुत अनाज को सही मात्रा में शामिल करके प्रोटीन की जरूरत पूरी की जा सकती है।

प्रोटीन पाउडर अपने आप में हर किसी के लिए नुकसानदायक नहीं है। जिन लोगों की प्रोटीन की जरूरत ज्यादा है या जो भोजन से पर्याप्त प्रोटीन नहीं ले पाते, उनके लिए यह सुविधाजनक विकल्प हो सकता है। लेकिन सप्लीमेंट चुनते समय उसकी सामग्री, गुणवत्ता और जरूरत पर ध्यान देना जरूरी है।

सभी प्रोटीन पाउडर में हानिकारक तत्व होते हैं या सामान्य मात्रा में प्रोटीन लेने से किडनी और लिवर को नुकसान पहुंचता है, ऐसा कहना सही नहीं है। स्वस्थ लोगों में सामान्य जरूरत के अनुसार प्रोटीन लेना आमतौर पर सुरक्षित होता है। हालांकि, पहले से किडनी या लिवर की बीमारी होने पर प्रोटीन की मात्रा डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह से तय करनी चाहिए।

1. बादाम: प्रोटीन के साथ विटामिन ई भी

बादाम में प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम और विटामिन ई पाया जाता है। यह पोषक तत्वों से भरपूर स्नैक है और संतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है।

लगभग 28 ग्राम बादाम यानी एक छोटी मुट्ठी में करीब 6 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है। इसमें हेल्दी फैट भी होता है, इसलिए यह ऊर्जा देने में मदद करता है।

बादाम को नाश्ते के साथ या दिन में स्नैक के रूप में खाया जा सकता है। इन्हें भिगोकर खाना जरूरी नहीं है; अपनी पसंद और पाचन के अनुसार खा सकते हैं। ध्यान रखें कि बादाम में कैलोरी भी अधिक होती है, इसलिए मात्रा का ध्यान रखना बेहतर है।

2. पनीर: मांसपेशियों और हड्डियों के लिए उपयोगी

पनीर शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। इसमें प्रोटीन के साथ कैल्शियम और फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्व भी मिलते हैं, जो मांसपेशियों और हड्डियों के सामान्य स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं।

पनीर में प्रोटीन की मात्रा उसकी किस्म और नमी के स्तर के अनुसार बदलती है। इसलिए हर एक कप पनीर में एक समान मात्रा में प्रोटीन मिलेगा, ऐसा नहीं है। सामान्य तौर पर 100 ग्राम पनीर में लगभग 15–20 ग्राम प्रोटीन हो सकता है, लेकिन पैकेट पर दी गई पोषण संबंधी जानकारी देखना बेहतर है।

पनीर को सब्जी, सलाद या हल्के मसालों के साथ भोजन में शामिल किया जा सकता है। यदि आप वजन या कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं, तो कम फैट वाले विकल्प और पकाने में इस्तेमाल होने वाले तेल की मात्रा पर ध्यान दें।

3. चीज: प्रोटीन और कैल्शियम का स्रोत

चीज में प्रोटीन और कैल्शियम पाया जाता है। इसकी मात्रा चीज की किस्म के अनुसार अलग हो सकती है। हालांकि, कई प्रकार के चीज में संतृप्त वसा और सोडियम भी काफी होता है।

इसलिए इसे प्रोटीन का मुख्य स्रोत बनाने के बजाय सीमित मात्रा में भोजन का हिस्सा बनाना बेहतर है। सैंडविच या सलाद में थोड़ी मात्रा में चीज शामिल किया जा सकता है।

अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल या हृदय रोग का जोखिम है, तो चीज चुनते समय सोडियम और संतृप्त वसा की मात्रा पर ध्यान दें। प्रोटीन बढ़ाने के लिए दालें, बीन्स, कम फैट वाला दही और अन्य विकल्प भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

4. ग्रीक योगर्ट: प्रोटीन के साथ कैल्शियम भी

ग्रीक योगर्ट को सामान्य दही की तुलना में अधिक प्रोटीन वाला विकल्प माना जाता है, क्योंकि इसे बनाने की प्रक्रिया में अतिरिक्त तरल हटाया जाता है। हालांकि, प्रोटीन की मात्रा ब्रांड और उत्पाद के अनुसार अलग हो सकती है।

लगभग 200 ग्राम ग्रीक योगर्ट में करीब 15–20 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है, लेकिन सही मात्रा के लिए उत्पाद का लेबल देखें। इसमें कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व भी मिल सकते हैं।

इसे नाश्ते में, फल या थोड़े मेवों के साथ खाया जा सकता है। बिना अतिरिक्त चीनी वाला विकल्प चुनना बेहतर है, क्योंकि फ्लेवर्ड योगर्ट में कई बार काफी मात्रा में चीनी होती है।

दही में मौजूद जीवित लाभकारी बैक्टीरिया कुछ उत्पादों में पाचन स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकते हैं। हालांकि, सभी योगर्ट में प्रोबायोटिक्स की मात्रा और प्रकार समान नहीं होते।

5. दालें: शाकाहारी डाइट का महत्वपूर्ण हिस्सा

मूंग, मसूर, अरहर, उड़द और चना दाल जैसे विकल्प शाकाहारी भोजन में प्रोटीन के अहम स्रोत हैं। इनमें फाइबर, आयरन, फोलेट और अन्य पोषक तत्व भी मिलते हैं।

एक कप पकी हुई दाल में किस्म और गाढ़ेपन के अनुसार लगभग 12–18 ग्राम प्रोटीन हो सकता है। दालों को चावल, रोटी या अन्य साबुत अनाज के साथ खाने से भोजन में अलग-अलग अमीनो एसिड मिलते हैं और संतुलित पोषण पाने में मदद मिलती है।

दालों में मौजूद फाइबर पेट की सेहत और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में मदद कर सकता है। मांस के कुछ विकल्पों की जगह दालें और बीन्स खाने से हृदय के लिए बेहतर आहार पैटर्न अपनाने में सहायता मिल सकती है। हालांकि, केवल दाल खाने से हृदय रोग या फैटी लिवर का इलाज होने की गारंटी नहीं है।

दालों को रोजाना के भोजन में शामिल करना आसान है। इन्हें सब्जियों, सूप या सलाद के साथ भी खाया जा सकता है।

6. क्विनोआ और मूंगफली: प्रोटीन बढ़ाने के दो और विकल्प

क्विनोआ: यह एक बीज है, जिसे अनाज की तरह खाया जाता है। इसमें सभी नौ आवश्यक अमीनो एसिड मौजूद होते हैं, इसलिए इसे संपूर्ण प्रोटीन के स्रोतों में गिना जाता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि यह प्रोटीन की मात्रा या मांसपेशियां बनाने के प्रभाव में हर तरह से मांस के बराबर है।

एक कप पके हुए क्विनोआ में लगभग 8 ग्राम प्रोटीन हो सकता है। इसे सलाद, सब्जियों या दालों के साथ खाया जा सकता है। क्विनोआ उपलब्ध न हो, तो दालें, बीन्स, सोया और दूसरे साबुत अनाज भी अच्छे विकल्प हैं।

मूंगफली और पीनट बटर: मूंगफली में प्रोटीन, असंतृप्त वसा और कुछ फाइबर होता है। लगभग 28 ग्राम मूंगफली में करीब 7 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है। पीनट बटर भी प्रोटीन का स्रोत है, लेकिन उसकी पोषण मात्रा ब्रांड के अनुसार बदलती है।

पीनट बटर खरीदते समय ऐसा विकल्प चुनें जिसमें अतिरिक्त चीनी और नमक कम हो। इसकी मात्रा का भी ध्यान रखें, क्योंकि मूंगफली और पीनट बटर में कैलोरी काफी होती है। मूंगफली से एलर्जी वाले लोगों को इनसे पूरी तरह बचना चाहिए।

रोजाना कितने प्रोटीन की जरूरत होती है?

प्रोटीन की जरूरत हर व्यक्ति में एक जैसी नहीं होती। यह उम्र, शरीर के वजन, शारीरिक गतिविधि, गर्भावस्था, स्वास्थ्य की स्थिति और व्यायाम के लक्ष्य पर निर्भर करती है।

स्वस्थ वयस्कों के लिए सामान्य संदर्भ के तौर पर प्रतिदिन लगभग 0.8 ग्राम प्रोटीन प्रति किलोग्राम शरीर के वजन की जरूरत मानी जाती है। उदाहरण के लिए, 60 किलोग्राम वजन वाले वयस्क के लिए यह लगभग 48 ग्राम प्रतिदिन होता है। हालांकि, यह हर व्यक्ति के लिए अंतिम लक्ष्य नहीं है। नियमित ताकत बढ़ाने वाला व्यायाम करने वाले लोगों की जरूरत अधिक हो सकती है, जबकि कुछ बीमारियों में प्रोटीन की मात्रा अलग तरीके से तय करनी पड़ती है।

प्रोटीन को दिनभर के भोजन में बांटकर लेना उपयोगी हो सकता है। नाश्ते में दही या दूध, दोपहर में दाल या पनीर और अन्य भोजन में बीन्स, सोया या मेवे शामिल करने से अलग-अलग स्रोतों से प्रोटीन मिल सकता है।

क्या मांसपेशियां बनाने के लिए प्रोटीन पाउडर जरूरी है?

नहीं, हर व्यक्ति को मांसपेशियां बनाने के लिए प्रोटीन पाउडर की जरूरत नहीं होती। नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, पर्याप्त भोजन, प्रोटीन का सही सेवन और अच्छी नींद मांसपेशियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यदि भोजन से आपकी प्रोटीन की जरूरत पूरी हो रही है, तो केवल ट्रेंड या विज्ञापन देखकर सप्लीमेंट लेना जरूरी नहीं है। दूसरी ओर, यदि व्यस्त दिनचर्या, भूख की कमी या अधिक प्रोटीन की जरूरत के कारण भोजन से पर्याप्त मात्रा नहीं मिल पा रही, तो डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटीशियन की सलाह से उपयुक्त सप्लीमेंट चुना जा सकता है।

निष्कर्ष: बादाम, पनीर, ग्रीक योगर्ट, दालें, क्विनोआ और मूंगफली जैसे शाकाहारी खाद्य पदार्थ प्रोटीन की जरूरत पूरी करने में मदद कर सकते हैं। लेकिन किसी एक फूड को प्रोटीन पाउडर का हर व्यक्ति के लिए पूरा विकल्प नहीं माना जा सकता। सही मात्रा और विविध खाद्य पदार्थों से युक्त संतुलित डाइट सबसे महत्वपूर्ण है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जागरूकता के लिए है। प्रोटीन की जरूरत व्यक्ति की उम्र, वजन, गतिविधि और स्वास्थ्य के अनुसार बदलती है। यदि आपको किडनी या लिवर की बीमारी है, खाद्य एलर्जी है या प्रोटीन सप्लीमेंट लेने की योजना बना रहे हैं, तो डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन से सलाह लें।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply