चीनी को आजकल सफेद जहर तक कहा जाता है. क्योंकि इसे तैयार करने में मिलावट की मदद तो ली जाती है साथ ही ज्यादा मीठा शरीर को नुकसान भी पहुंचाता है. सफेद चीनी को लंबे समय तक लगातार जरूरत से ज्यादा खाया जाए तो फैटी लिवर तक हो जाता है. इसके अलावा ये दूसरे तरीकों से भी शरीर के लिए ठीक नहीं मानी जाती है. अब सवाल है कि चायकॉफी में मिठास भी चाहिए और चीनी से बचना भी है? ऐसे में मोंक फ्रूट स्वीटनर चर्चा में है.

इसे नेचुरल, जीरोकैलोरी और ब्लड शुगर के लिहाज से बैटर ऑप्शन बताकर बेचा जा रहा है. लेकिन क्या वाकई ये चीनी से बेहतर है या हेल्थ के नाम पर एक और महंगा प्रोडक्ट? चलिए आपको एक्सपर्ट के जरिए बताते हैं..
क्या है मोंक फ्रूट?
मोंक फ्रूट दक्षिणी चीन में पाया जाने वाला फल है, जिसे लुओ हान गुओ भी कहते हैं. इसके अर्क में मोग्रोसाइड्स नाम के कंपाउंड मिठास देते हैं. यह मिठास चीनी से कई गुना ज्यादा हो सकती है. डॉयटीशियन शिखा सिंह कहती है, मोंक फ्रूट एक नॉनन्यूट्रिटिव स्वीटनर है इसका इस्तेमाल मिठास के लिए होता है, पोषण बढ़ाने के लिए नहीं. कंपनियां इसे कई बार सुपरफूड की तरह पेश करती हैं, जबकि इससे शरीर को खास विटामिन या मिनरल्स नहीं मिलते.
पैकेट पर लिखा जीरो शुगर क्या जीरो कैलोरी भी है?
डॉ. आशीष जायसवाल बताते हैं कि मोंक फ्रूट में मौजूद मोग्रोसाइड्स सुक्रोज यानि सामान्य चीनी नहीं हैं, इसलिए ये उस तरह ब्लड शुगर नहीं बढ़ाते. लेकिन बाजार में मिलने वाले सभी स्वीटनर सिर्फ मोंक फ्रूट के अर्क से नहीं बनते. इनमें एरिथ्रिटॉल, डेक्सट्रोज, डेक्सट्रिन या दूसरे फिलर भी मिलाए जा सकते हैं.
डॉ. जायसवाल कहते हैं ‘नो शुगर’ और ‘जीरो कैलोरी’ एक ही बात नहीं है. कुछ प्रोडक्ट्स में शुगर न होने के बावजूद दूसरे इंग्रीडिएंट्स से कैलोरी मिल सकती है. डॉयटीशियन शिखा सिंह भी सलाह देती हैं कि पैकेट के आगे लिखे दावों के बजाय पीछे की इंग्रीडिएंट्स लिस्ट पढ़ें. कई प्रोडक्ट्स में मोंक फ्रूट की मात्रा बहुत कम और बाकी हिस्सा दूसरे स्वीटनर का हो सकता है.
वजन घटाने में मदद करता है?
मोंक फ्रूट स्वीटनर सीधे वजन कम नहीं करता. हालांकि, अगर कोई चायकॉफी में चीनी की जगह कम कैलोरी वाला सही विकल्प इस्तेमाल करता है, तो दिनभर की कुल कैलोरी कम हो सकती है. इससे वजन घटाने में मदद मिल सकती है, बशर्ते खानपान और फीजिकल एक्टिविटी पर भी ध्यान दिया जाए.
शिखा सिंह कहती हैं कि वजन घटाने के लिए महंगा मोंक फ्रूट खरीदना जरूरी नहीं है. चाय या कॉफी में चीनी की मात्रा धीरेधीरे कम करना भी एक तरीका है. फल जैसे नेचुरल फूड प्रोडक्ट बैलेंस डाइट का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन खजूर या दूसरे मीठे प्रोडक्ट्स में भी कैलोरी होती है. इसलिए उन्हें बिना हिसाब चीनी का विकल्प मानना ठीक नहीं.
डायबिटीज में कितना सही है?
मोंक फ्रूट का अर्क सामान्य चीनी की तरह ब्लड शुगर नहीं बढ़ाता, इसलिए सही फॉर्मूलेशन वाला स्वीटनर कुछ लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है. लेकिन डॉ. जायसवाल साफ कहते हैं कि डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए डाइट, एक्सरसाइज और डॉक्टर की बताई दवाएं सबसे अहम हैं. स्वीटनर इलाज का विकल्प नहीं है.
डॉयटीशियन शिखा सिंह भी कहती हैं कि खरीदने से पहले यह देखना जरूरी है कि प्रोडक्ट में माल्टोडेक्सट्रिन जैसे इंग्रीडिएंट्स तो नहीं हैं, जो ब्लड शुगर बढ़ा सकते हैं. सिर्फ पैकेट पर ‘मोंक फ्रूट’ लिखा होना इस बात की गारंटी नहीं कि पूरा प्रोडक्ट ब्लड शुगर पर कोई असर नहीं डालेगा.
क्या हैं साइड इफेक्ट्स
मोंक फ्रूट स्वीटनर या उसमें मिलाए गए कुछ कंपाउंड्स से कुछ लोगों को गैस, पेट फूलने, मरोड़ या लूज मोशन की परेशानी हो सकती है. डॉ. जायसवाल कहते हैं कुछ स्वीटनर्स का आफ्टरटेस्ट भी कड़वा हो सकता है. डॉयटीशियन शिखा सिंह बताती हैं अगर किसी का पेट सेंसिटिव है, तो एरिथ्रिटॉल वाले प्रोडक्ट्स से परेशानी हो सकती है. ऐसे में इंग्रीडिएंट्स पढ़ना और बॉडी का रिस्पॉन्स देखना चाहिए.
डॉ. आशीष जायसवाल के मुताबिक, मोंक प्रूट के लंबे समय तक इस्तेमाल के मेटाबॉलिज्म पर असर को लेकर कुछ प्रूव करने जैसी निर्णायक ह्यूमन स्टडीज सीमित हैं. बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए भी पर्याप्त डेटा नहीं है, इसलिए बिना जरूरत इसे नियमित डाइट का हिस्सा बनाने से बचना बेहतर है.
क्या महंगा स्वीटनर बेहतर भी है?
डॉ शिखा सिंह कहती हैं मोंक फ्रूट कम जगहों पर उगता है. इसका अर्क निकालने का प्रोसेस मंहगा होता है इसकी मार्केटिंग भी प्राइस बढ़ाती है. लेकिन महंगा होने का मतलब ज्यादा न्यूट्रीशियस होना या सबके लिए सूटेबल होना नहीं है.
अगर आप चीनी कम करना चाहते हैं, तो पहले अपने डेली शुगर इन्टेक पर ध्यान दें. मोंक फ्रूट खरीदें तो ट्रस्टेड ब्रांड से.इंग्रीडिएंट्स, कैलोरी, कार्बोहाइड्रेट व शुगर की इन्फॉरमेशन देखें.जिन लोगों को मीठा छोड़ना मुश्किल लगता है, उनके लिए यह एक विकल्प हो सकता है. मोंक फ्रूट कोई चमत्कारी हेल्थ प्रोडक्ट नहीं है.
सही विकल्प वही है, जो आपकी जरूरत, खानपान और बजट के अनुकूल हो. मिठास कम करने का सबसे जरूरी टोटल शुगर इनटेक पर कंट्रोल और बैलेंस टाइट ज़रूरी है.



