कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा है कि इस वर्ष नवरात्रि से दीपावली तक देशभर में ₹7 लाख करोड़ से अधिक का त्योहारी कारोबार होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के रिकॉर्ड कारोबार की तुलना में लगभग 1518 प्रतिशत अधिक हो सकता है. नवरात्रि के बाद, दशहरा, करवा चौथ, धनतेरस, दिवाली, गोवर्धन पूजा, भैया दूज, छठ पूजा, गुरु नानक जयंती और तुलसी विवाह त्यौहार बड़े रूप में देश भर में मनाये जाते हैं.

कैट का यह प्रारंभिक अनुमान देशभर के कई राज्यों के प्रमुख व्यापारिक संगठनों एवं बाजारों से मिले फीडबैक, उपभोक्ता मांग, त्योहारी खरीदारी के रुझान, ग्रामीण और अर्धशहरी बाजारों की सक्रियता, स्थानीय उत्पादों की बढ़ती मांग और विभिन्न क्षेत्रों में होने वाली व्यापक आर्थिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है.
पिछले साल भी बना था कारोबार का रिकॉर्ड
पिछले वर्ष दीपावली के अवसर पर देश में लगभग ₹6.05 लाख करोड़ का रिकॉर्ड व्यापार हुआ था, जिसमें लगभग ₹5.40 लाख करोड़ का वस्तु व्यापार और ₹65,000 करोड़ का सेवा क्षेत्र शामिल था. इस वर्ष त्योहारी गतिविधियों के और व्यापक होने को देखते हुए कारोबार के ₹7 लाख करोड़ से ऊपर जाने की संभावना है.
किस सेक्टर में कितना कारोबार
कैट के आकलन के अनुसार, नवरात्रि से दीपावली तक अनुमानित त्योहारी कारोबार में प्रमुख क्षेत्रों की हिस्सेदारी लगभग इस प्रकार रह सकती है. जिसमें किरानाFMCG 12%, सोना, चांदी एवं आभूषण, 10%, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इलेक्ट्रिकल्स, 8%, कंज्यूमर ड्यूरेबल वस्तुएं 7%, रेडीमेड गारमेंट्स 7%, गिफ्ट आइटम्स 7%, होम डेकोर 5%, फर्नीचर एवं फर्निशिंग 5%, मिठाई एवं नमकीन 5%, टेक्सटाइल एवं फैब्रिक्स 4%, पूजा सामग्री 3%,फल एवं ड्राई फ्रूट्स 3%, बेकरी एवं कन्फेक्शनरी 3%, फुटवियर 2%, अन्य वस्तुएं एवं संबंधित कारोबार 19% हो सकता है.
सर्विस सेक्टर का बड़ा योगदान
खंडेलवाल ने कहा कि इस वर्ष त्योहारी अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी. नवरात्रि से दीपावली के दौरान परिवहन, लॉजिस्टिक्स, ईकॉमर्स डिलीवरी, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग, होटल, रेस्तरां, पर्यटन, कैटरिंग, टेंट एवं डेकोरेशन, लाइटिंग, इवेंट मैनेजमेंट, कैब एवं स्थानीय परिवहन सहित अनेक सेवाओं में भारी मांग रहने की संभावना है. पिछले वर्ष सेवा क्षेत्र में लगभग ₹65,000 करोड़ के कारोबार के मुकाबले इस वर्ष सेवा क्षेत्र में 2025 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रारंभिक अनुमान है. इसके आधार पर त्योहारी अवधि में सेवा क्षेत्र का कारोबार लगभग ₹80,000 करोड़ से ₹1 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है.
इन चीजों से बढ़ेंगी मांग
खंडेलवाल ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी त्यौहारों के सीजन में अनेक पर्वों के दौरान देशभर में बड़ी संख्या में धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और व्यावसायिक आयोजन भी होंगे जिनमें मार्केट उत्सव, रामलीला, दुर्गा पूजा पंडाल, गरबा एवं डांडिया, दिवाली मिलन एवं मेले, प्रदर्शनी, स्थानीय बाजार कार्यक्रम, सोसायटी एवं सामुदायिक समारोह, कॉर्पोरेट कार्यक्रम तथा पारिवारिक आयोजन भी बड़ी संख्या में होंगे. इन आयोजनों का सीधा लाभ सजावट, लाइटिंग, फूल, वस्त्र, मिठाई, भोजन, कैटरिंग, परिवहन, होटल, पर्यटन, फोटोग्राफी, इवेंट मैनेजमेंट, सुरक्षा, पैकेजिंग और डिलीवरी जैसे अनेक क्षेत्रों को मिलेगा. इस प्रकार त्योहारी सीजन का प्रभाव केवल दुकानों और बाजारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे माल एवं सेवा इकोसिस्टम में बड़ी मांग पैदा करेगा.



