
नालासोपारा, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के नालासोपारा से नवजात बच्चे की कथित खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, 17 वर्षीय नाबालिग लड़की ने बच्चे को जन्म दिया था, लेकिन अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद नवजात उसके पास नहीं था। जांच में आरोप सामने आया कि लड़की की मां और पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने कथित तौर पर नवजात को विरार के एक दंपति को सौंप दिया था। पुलिस ने बच्चे को बरामद कर उसकी मां के पास पहुंचा दिया है।
अस्पताल से छुट्टी के बाद गायब मिला नवजात
पुलिस के अनुसार, तुलिंज पुलिस को वसई-विरार महानगरपालिका के अस्पताल से सूचना मिली थी कि 17 वर्षीय लड़की ने बच्चे को जन्म दिया है, लेकिन नवजात उसके साथ मौजूद नहीं है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
जांच में पता चला कि लड़की की डिलीवरी तुलिंज पुलिस थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में हुई थी। इसके बाद पुलिस ने अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद बच्चे के गायब होने की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए संबंधित लोगों से पूछताछ की।
एक दिन के नवजात को दंपति को सौंपने का आरोप
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, नाबालिग की मां और उसकी पड़ोसन पर आरोप है कि उन्होंने एक दिन के नवजात को विरार में रहने वाले एक दंपति को बेच दिया था। पुलिस ने संबंधित दंपति का पता लगाकर बच्चे को बरामद कर लिया।
इसके बाद नवजात को उसकी मां के पास सौंप दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित सौदे में किन लोगों की क्या भूमिका थी और इस पूरे मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं है।
नाबालिग के साथ कथित लैंगिक अत्याचार का मामला भी सामने आया
इस प्रकरण में नाबालिग के साथ कथित लैंगिक अत्याचार करने के आरोपी युवक को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच की जा रही है।
नाबालिग की पहचान और उसकी निजता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उससे जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए।
डॉक्टर समेत कई लोगों के खिलाफ FIR
पुलिस ने नाबालिग की मां, पड़ोस में रहने वाली महिला, संबंधित डॉक्टर और नवजात को कथित तौर पर खरीदने वाले दंपति के खिलाफ FIR दर्ज की है। रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित डॉक्टर का नाम शाहीन शेख बताया गया है। उनके महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग से जुड़े होने की बात भी सामने आई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वसई-विरार महानगरपालिका ने संबंधित निजी अस्पताल को सील कर दिया है। पुलिस और संबंधित अधिकारी अस्पताल में हुई डिलीवरी तथा नवजात को कथित तौर पर सौंपे जाने के घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल नवजात को बरामद कर उसकी मां के पास पहुंचा दिया गया है। पुलिस कथित खरीद-फरोख्त, नाबालिग के साथ हुए अपराध और अस्पताल से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में आरोपियों की जिम्मेदारी और आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें बताए गए आरोपों की न्यायिक पुष्टि होना बाकी है। नाबालिग की पहचान और निजता की रक्षा करना आवश्यक है।



