
जशपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक मासूम बच्चे की कथित खरीद-फरोख्त का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला ने अपने ही 10 महीने के बच्चे को बिचौलिये के माध्यम से पश्चिम बंगाल की एक महिला तक पहुंचाया। पुलिस जांच में बच्चे का सौदा 1 लाख 80 हजार रुपये में किए जाने की बात सामने आई है। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पश्चिम बंगाल से बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया और मां समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
पुलिस के अनुसार, 12 अगस्त को कुनकुरी थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके बेटे शंकर चौहान के साथ रहने वाली यशोदा यादव ने 18 दिसंबर 2025 को एक बच्चे को जन्म दिया था। आरोप है कि मार्च 2026 में बच्चे को दूसरे लोगों के माध्यम से बेच दिया गया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने किशोर न्याय अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
बिचौलिये से पूछताछ में सामने आई जानकारी
जांच के दौरान पुलिस ने पश्चिम बंगाल निवासी सुकरू आलम उर्फ बंगाली को गिरफ्तार किया। पूछताछ में कथित तौर पर उसने बच्चे को पश्चिम बंगाल निवासी शेख अलविन तक पहुंचाने की जानकारी दी।
इसके बाद डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम पश्चिम बंगाल भेजी गई। वहां पुलिस ने शेख अलविन को पकड़कर पूछताछ की।
पुलिस के मुताबिक, शेख अलविन ने बताया कि उसने मार्च 2026 में यशोदा यादव के बच्चे को 1 लाख 80 हजार रुपये में खरीदा था और बाद में अपनी बेटी को दे दिया था। पुलिस इस मामले में सभी संबंधित आरोपों की जांच कर रही है।
पश्चिम बंगाल से सुरक्षित मिला बच्चा
पुलिस टीम ने पश्चिम बंगाल से बच्चे को बरामद कर सुरक्षित संरक्षण में लिया। बरामदगी के समय बच्चे की उम्र लगभग 9 से 10 महीने बताई गई। बच्चे की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।
मां समेत पांच आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने सुकरू आलम उर्फ बंगाली, शेख अलविन, निर्मला तिर्की, फूलकुंवारी यादव और बच्चे की मां यशोदा यादव को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह समाचार पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी और उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।



