
अरवल: बिहार के अरवल जिले में पटना-औरंगाबाद एनएच-139 पर खभैनी मोड़ के पास चोरी का विरोध करना एक ट्रक चालक को भारी पड़ गया। आरोप है कि चोरी कर भाग रहे बदमाशों ने चालक पर धारदार चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल चालक को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।
ट्रक का शीशा तोड़कर घुसे बदमाश
मृतक की पहचान वलिदाद के नट बिगहा निवासी 30 वर्षीय प्रदीप कुमार के रूप में हुई है। वह ट्रक चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे।
जानकारी के मुताबिक, प्रदीप ने अपना ट्रक खभैनी मोड़ के पास खड़ा किया था और अपने परिजनों से मिलने घर चले गए थे। इस दौरान उनका साथी खलासी ट्रक में ही सो रहा था।
गुरुवार की सुबह करीब चार बजे कुछ बदमाश कथित तौर पर ट्रक का शीशा तोड़कर अंदर घुस गए। आरोप है कि उन्होंने खलासी के पास रखे सात हजार रुपये नकद और एक मोबाइल फोन चोरी कर लिया।
विरोध करने पर चाकू से किया हमला
बताया जाता है कि इसी दौरान प्रदीप कुमार मौके पर पहुंच गए। बदमाशों को भागते देखकर उन्होंने शोर मचाया और चोरी का विरोध किया। आरोप है कि इससे नाराज बदमाशों ने उन पर धारदार चाकू से कई वार कर दिए।
हमले में प्रदीप गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। घायल चालक को पहले वलिदाद बाजार के पास एक निजी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें अरवल सदर अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
प्रदीप कुमार की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। उनकी पत्नी ने अपना जीवनसाथी खो दिया, जबकि उनके दो बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। मां के लिए भी यह घटना बड़ा सदमा बन गई।
घटना के बाद परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश है। लोग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात में कौन-कौन शामिल था और चोरी के बाद आरोपियों ने किस रास्ते से भागने की कोशिश की।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। घटना और आरोपियों से संबंधित तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।



