
राजकोट, गुजरात: गुजरात के राजकोट में दो साल की मासूम बच्ची की संदिग्ध मौत के मामले में ऐसा खुलासा हुआ, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। जिस घटना को शुरुआत में हादसा माना जा रहा था, उसकी जांच आगे बढ़ी तो शक की सुई बच्ची की मां पर आकर टिक गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान मां ने ही बच्ची को पांचवीं मंजिल से नीचे फेंकने की बात कबूल की।
मामला कुवाद्वा रोड स्थित शहीद उधम सिंह टाउनशिप का है। यहां दो साल की बच्ची की पांचवीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। शुरुआत में यह स्पष्ट नहीं था कि बच्ची दुर्घटनावश नीचे गिरी थी या उसके साथ कोई जानबूझकर वारदात की गई थी।
पहले हादसा बताया, फिर पुलिस को हुआ शक
घटना की शुरुआती जानकारी में इसे दुर्घटना माना गया था। बच्ची की मां ने भी कथित तौर पर किसी अज्ञात व्यक्ति के इस घटना में शामिल होने की बात कही थी। हालांकि, घटनास्थल के हालात और परिवार के सदस्यों के बयानों में सामने आए तथ्यों को देखते हुए पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी।
राजकोट क्राइम ब्रांच के सामने इस मामले को सुलझाना आसान नहीं था। घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं होने के कारण जांच में परेशानी आई। इसके बावजूद पुलिस ने परिवार के सदस्यों सहित 12 से अधिक लोगों से पूछताछ की और अलग-अलग बयानों का मिलान किया।
पूछताछ में मां को लेकर गहराया संदेह
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस का संदेह बच्ची की मां पर गहराता गया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान मां ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने अपनी दो साल की बेटी को पांचवीं मंजिल से नीचे फेंका था। शुरुआती जानकारी में यह भी सामने आया कि वह बच्ची के जन्म से ही उसे पसंद नहीं करती थी।
इस खुलासे के बाद पुलिस ने मां को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं और परिस्थितियों की भी पड़ताल की।
जांच के बाद सामने आई घटना की सच्चाई
जिस बच्ची की मौत को शुरुआत में हादसा समझा जा रहा था, वह मामला पुलिस जांच के बाद गंभीर आपराधिक प्रकरण बन गया। एक मासूम बच्ची की मौत और उसकी मां पर लगे आरोपों ने घटना को और भी संवेदनशील बना दिया है।
हालांकि, पुलिस पूछताछ में सामने आए कथित कबूलनामे और अन्य आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होनी बाकी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर होगी।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पुलिस जांच से संबंधित प्रकाशित जानकारियों के आधार पर तैयार की गई है। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।



