ग्लोबल बाजारों से मिलेजुले संकेतों के बीच 16 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत रफ्तार पकड़ी. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 35.91 अंक यानी 0.05 फीसदी की बढ़त के साथ 74,351.52 पर खुला. वहीं निफ्टी ने 36.15 अंक यानी 0.16 फीसदी की तेजी के साथ 23,033.50 के स्तर पर शुरुआत की. बाजार खुलने के बाद दोनों इंडेक्स में थोड़ी गिरावट देखने को मिली, लेकिन जल्द ही खरीदारी लौट आई. इसके बाद निफ्टी 23,100 का स्तर पार करते हुए 148 अंक उछलकर 23,145.35 पर पहुंच गया. सेंसेक्स भी 443.22 अंक चढ़कर 74,758.83 पर जा पहुंचा. बाजार की इस तेजी में एनएसई, बीएसई, ग्रो और एंजेल वन जैसी ब्रोकिंग व कैपिटल मार्केट कंपनियों के शेयर खूब चमके.

ब्रोकिंग कंपनियों को कैसे मिलेगा फायदा
शुक्रवार को ब्रोकिंग शेयरों में आई तेजी के पीछे सेबी का नया फैसला है. ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के मुताबिक, क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के नए ढांचे से एक्सपायरी के दिन बाजार का उतारचढ़ाव घटेगा. इससे उन ब्रोकर्स को सीधा फायदा मिलेगा जिनके ऑर्डर पुराने स्तर से नीचे बने हुए हैं. हालांकि एक्सचेंजों का प्रीमियम टर्नओवर पहले के स्तर पर वापस आ चुका है, इसलिए कमाई में बहुत बड़े उछाल की गुंजाइश सीमित रह सकती है. जेफरीज ने निवेशकों को ग्रो के शेयर खरीदने की सलाह दी है. सेबी ने शेयरों की पारदर्शी क्लोजिंग कीमत तय करने के लिए इस साल जनवरी में ये व्यवस्था शुरू की थी. 12 सितंबर को जारी कंसल्टेशन पेपर पर 20,000 से ज्यादा सुझाव मिलने के बाद अब इसमें बदलाव किया गया है.
दोपहर 3:30 बजे के बाद तीन चरणों में होगा काम
नए नियमों के तहत सभी ट्रेडिंग दिनों में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन दोपहर 3:30 से 3:40 बजे तक चलेगा. ज्यादातर बदलाव 7 दिसंबर 2026 से लागू होंगे, जबकि अधूरे लिमिट व आइसबर्ग ऑर्डर को ट्रांसफर करने के नियम 8 फरवरी 2027 से प्रभावी होंगे. दस मिनट का ये सेशन तीन चरणों में पूरा होगा. पहले मिनट यानी 3:30 से 3:31 बजे के बीच रेफरेंस प्राइस तय होगा और रेगुलर सेशन के ऑर्डर ट्रांसफर होंगे. इसके बाद 3:31 से 3:36 बजे तक लिमिट और मार्केट दोनों ऑर्डर डाले जा सकेंगे. आखिरी चार मिनट में सिर्फ लिमिट ऑर्डर ही लिए जाएंगे, जबकि मार्केट ऑर्डर में बदलाव या उन्हें कैंसिल नहीं किया जा सकेगा. ऑर्डर विंडो 3:38 से 3:40 बजे के बीच किसी भी रैंडम समय पर बंद हो जाएगी.
डेरिवेटिव ट्रेडिंग के साथ सेटलमेंट का नया गणित
सामान्य दिनों में इंडेक्स डेरिवेटिव में दोपहर 3:45 बजे तक कारोबार जारी रहेगा, लेकिन एक्सपायरी वाले कॉन्ट्रैक्ट की ट्रेडिंग उस दिन 3:30 बजे ही बंद हो जाएगी. स्टॉक डेरिवेटिव एक्सपायरी के दिन भी 3:45 बजे तक खुले रहेंगे. कैश मार्केट में पोस्टक्लोज सेशन 3:50 से शाम 4 बजे तक चलेगा, जहां क्लोजिंग प्राइस पर सौदे होंगे. एक्सपायरी वाले इंडेक्स व स्टॉक डेरिवेटिव का सेटलमेंट प्राइस अब सभी एक्सचेंजों के कैश मार्केट के आखिरी 30 मिनट के वॉल्यूमवेटेड एवरेज प्राइस से तय होगा. इस दौरान एक्सचेंज लगातार अनुमानित कीमतें पब्लिश करेंगे और क्लीयरिंग कॉरपोरेशन को डेटा भेजेंगे.
पेंडिंग ऑर्डर को आगे बढ़ाने की नई व्यवस्था
रेगुलर ट्रेडिंग से क्लोजिंग ऑक्शन में पेंडिंग ऑर्डर ट्रांसफर करने के नियम भी साफ हो गए हैं. स्टॉपलॉस और तय प्राइस बैंड से बाहर वाले ऑर्डर को छोड़कर बाकी अधूरे लिमिट ऑर्डर आगे बढ़ जाएंगे. प्राइस बैंड के भीतर आने वाले अधूरे आइसबर्ग ऑर्डर को पूरी तरह डिस्क्लोज्ड लिमिट ऑर्डर में बदल दिया जाएगा. ट्रेडर चाहें तो ऑर्डर डालते समय ही इस बदलाव से बाहर रहने का विकल्प चुन सकते हैं. रेगुलर सेशन से आए ऑर्डर को नए लिमिट ऑर्डर से ज्यादा प्राथमिकता मिलेगी, लेकिन ट्रांसफर हुए आइसबर्ग ऑर्डर की रैंकिंग रेगुलर लिमिट ऑर्डर से नीचे रहेगी. ऑक्शन में आइसबर्ग ऑर्डर को मॉडिफाई करने पर उसकी टाइम प्रायोरिटी बदल जाएगी. सेबी ने एक्सचेंजों व क्लीयरिंग कॉरपोरेशन को सात दिनों में अपने नियम और सिस्टम अपडेट करने को कहा है.



