
कभी दोस्तों के बीच बैठकर हंसी-मजाक होता था, लेकिन एक कथित टिप्पणी ने रिश्तों को दुश्मनी में बदल दिया। आरोप है कि पत्नी को लेकर की गई अभद्र टिप्पणी से नाराज एक युवक के मन में ऐसा गुस्सा बैठ गया कि करीब दो साल के भीतर उसके दो दोस्तों की हत्या के मामले सामने आ गए। पहला मामला हरियाणा के सोनीपत से जुड़ा बताया गया, जबकि दूसरा उत्तर प्रदेश के बागपत में सामने आया। दोनों घटनाओं में पत्नी को लेकर कथित टिप्पणी के बाद विवाद होने की बात पुलिस की जांच में सामने आई है।
गन्ने के खेत में मिला युवक का शव
मामला बागपत जिले के दोघट थाना क्षेत्र के इदरीशपुर गांव का है। एक सुबह कुछ बच्चे मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। इसी दौरान उनकी नजर गन्ने के खेत में पड़े एक युवक के शव पर गई। उन्होंने ग्रामीणों को जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जांच के दौरान मृतक की पहचान गांव के ही पुष्पेंद्र के रूप में हुई। अचानक हुई इस मौत से इलाके में चर्चा शुरू हो गई। पुलिस ने यह पता लगाने के लिए जांच आगे बढ़ाई कि युवक की हत्या किसने की और उसके पीछे क्या वजह थी।
शराब पार्टी में हुई कथित टिप्पणी बनी विवाद की वजह
पुलिस के मुताबिक, जांच में पुष्पेंद्र और मनोज के बीच शराब पीने के दौरान हुए विवाद की बात सामने आई। आरोप है कि उस दौरान पुष्पेंद्र ने मनोज की पत्नी को लेकर अभद्र टिप्पणी कर दी थी। इसी बात से नाराज होकर दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई।
पुलिस की जांच के अनुसार, विवाद के दौरान मनोज ने कथित तौर पर पुष्पेंद्र का मुंह और गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को गन्ने के खेत में छोड़कर आरोपी के वहां से चले जाने का आरोप है।
शुरुआत में खेत में शव मिलने से मामला रहस्यमय लग रहा था, लेकिन पुलिस ने घटनास्थल से मिले सुरागों और तकनीकी जांच के आधार पर संदिग्ध तक पहुंचने का दावा किया।
दो साल पहले भी दोस्त की हत्या का आरोप
जांच के दौरान मनोज का नाम वर्ष 2024 में हरियाणा के सोनीपत में हुए एक अन्य हत्याकांड से जुड़ने की बात सामने आई। पुलिस के मुताबिक, उस मामले में मनोज पर अपने दोस्त योगेश की सरिये से हमला कर हत्या करने का आरोप था।
बताया गया कि उस घटना में भी पत्नी को लेकर कथित अभद्र टिप्पणी के बाद दोनों के बीच विवाद हुआ था। उस मामले में मनोज और उसकी पत्नी को जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी। बाद में मनोज को जमानत मिल गई थी।
अब बागपत में पुष्पेंद्र की हत्या के मामले में नाम सामने आने के बाद पुलिस पुराने मामले और नए घटनाक्रम को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है। हालांकि, दोनों मामलों में आरोपों और घटनाओं की अंतिम सच्चाई अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों से ही तय होगी।
गिरफ्तारी के दौरान फायरिंग का भी आरोप
पुलिस के मुताबिक, मनोज को पकड़ने के लिए कार्रवाई की गई तो उसने कथित तौर पर पुलिस टीम पर गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई के दौरान वह घायल हो गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद पुलिस ने बागपत में हुई हत्या के संबंध में उससे पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की।
इस मामले ने कई सवाल खड़े किए हैं कि दोस्तों के बीच हुआ विवाद आखिर इतनी गंभीर हिंसा तक कैसे पहुंच गया। पुलिस दोनों घटनाओं से जुड़े तथ्यों और सबूतों की जांच कर रही है। फिलहाल आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध समाचार जानकारी और पुलिस की ओर से बताए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी और आरोपी को दोषी ठहराने का अधिकार अदालत को है।



