
अमरेली, गुजरात: गुजरात के अमरेली जिले में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को चार छात्राओं के साथ कथित यौन उत्पीड़न और उनमें से एक के साथ दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, मामला सामने आने के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस घटना ने स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षकों की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान सामने आया मामला
राजुला की पुलिस उपाधीक्षक नयना गोराडिया ने शनिवार को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि जाफराबाद पुलिस थाने में शुक्रवार को शिकायत के आधार पर पॉक्सो अधिनियम और दुष्कर्म से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के मुताबिक, अमरेली जिले में चल रही ‘मिशन स्माइल’ पहल के तहत जाफराबाद पुलिस की टीम स्कूल में बच्चों को अच्छे स्पर्श और बुरे स्पर्श के बारे में जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित कर रही थी। इसी दौरान छात्राओं को अपने साथ हुई कथित घटनाओं के बारे में बताने का साहस मिला।
अधिकारियों के अनुसार, कथित घटनाएं लंबे समय से चल रही थीं। जागरूकता कार्यक्रम के बाद एक छात्रा ने घर जाकर अपने माता-पिता या अभिभावकों को पूरी बात बताई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
चाय बनाने के बहाने स्टाफ रूम में बुलाने का आरोप
डीएसपी नयना गोराडिया के अनुसार, शुरुआती जांच में आरोप सामने आया कि शिक्षक छात्राओं को चाय बनाने के बहाने स्टाफ रूम में बुलाता था और वहां उनके साथ अनुचित व्यवहार करता था। पुलिस का आरोप है कि चार छात्राएं यौन उत्पीड़न का शिकार हुईं, जबकि उनमें से एक के साथ दुष्कर्म किया गया।
शिकायत मिलने के बाद अभिभावकों ने पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस की टीम स्कूल पहुंची और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू की।
आरोपी पुलिस हिरासत में, जांच जारी
पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर हिरासत में ले लिया है। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, लेकिन मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।
जांच के दौरान छात्राओं के बयान, शिकायत से जुड़े तथ्यों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। चूंकि मामला नाबालिग छात्राओं से जुड़ा है, इसलिए उनकी पहचान और निजता की रक्षा करना बेहद जरूरी है।
यह घटना इस बात को भी रेखांकित करती है कि बच्चों को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के बारे में जागरूक करना तथा उन्हें बिना डर के अपनी बात कहने का अवसर देना कितना महत्वपूर्ण है।
सत्या रिपोर्ट की ओर से: यह समाचार पुलिस के शुरुआती बयानों और उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है। आरोपी के खिलाफ लगे आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।



