
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के आरंग क्षेत्र में आठ साल के बच्चे के अपहरण और 15 लाख रुपये की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। बच्चे के लापता होने से परिवार में हड़कंप मच गया था। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने तलाश शुरू की और बच्चे को ग्राम समोदा स्थित एक पेट्रोल पंप के पास से बरामद कर लिया। मामले में पुलिस ने बलौदाबाजार जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
साइकिल चलाने निकला था बच्चा, फिर नहीं लौटा घर
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, बच्चे के पिता मेडिकल स्टोर में काम करते हैं। 16 अक्टूबर की सुबह करीब नौ बजे उनका आठ साल का बेटा साइकिल चलाने के लिए घर से निकला था। काफी समय बीतने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटा, तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की।
परिजनों ने आसपास के इलाकों में बच्चे को खोजा, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद परिवार ने देर शाम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामला एक छोटे बच्चे से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने तत्काल उसकी तलाश शुरू कर दी।
फोन कर मांगी 15 लाख रुपये की फिरौती
बच्चे की तलाश के बीच उसके पिता के मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। पुलिस के अनुसार, कॉल करने वाले व्यक्ति ने बच्चे को अपने कब्जे में होने का दावा किया और उसे छोड़ने के बदले 15 लाख रुपये की मांग की।
फिरौती की मांग सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। बच्चे को सुरक्षित बरामद करने के लिए तलाश तेज की गई और संदिग्ध मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश शुरू हुई।
पुलिस के दबाव में पेट्रोल पंप के पास छोड़ा बच्चा
पुलिस की कार्रवाई और बढ़ते दबाव के बीच आरोपियों ने बच्चे को ग्राम समोदा स्थित पेट्रोल पंप के पास छोड़ दिया और वहां से फरार हो गए। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए संदिग्धों की तलाश शुरू की गई।
जांच के दौरान आरोपियों की लोकेशन बलौदाबाजार जिले में मिलने की जानकारी सामने आई। इसके आधार पर रायपुर ग्रामीण पुलिस की टीम ने वहां पहुंचकर कार्रवाई की।
बलौदाबाजार से दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, टीम ने बलौदाबाजार जिले के गिधपुरी थाना क्षेत्र के दतरेंगी गांव में दबिश देकर दो लोगों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान हेमंत उर्फ छोटू निषाद (25) और मिथलेश ध्रुव (20) के रूप में हुई है। दोनों इसी गांव के निवासी बताए गए हैं।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। मामले में अपहरण की पूरी वजह, फिरौती मांगने की परिस्थितियों और आरोपियों की भूमिका को लेकर विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आ सकती है।
बच्चे की बरामदगी से परिवार ने राहत की सांस ली है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध प्रारंभिक पुलिस जानकारी और रिपोर्टों पर आधारित है। मामले से जुड़े आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।



