सर्दी का मौसम दस्तक देने वाला है. इस मौसम में ज्यादातर लोग मानते हैं कि शराब का एक पैग ठंड भगा देता है. पहला घूंट अंदर जाते ही चेहरा लाल हो जाता है. हाथपैर गर्म लगने लगते हैं. ठंड का असर कम महसूस होता है. लेकिन क्या सच में शराब शरीर को गर्म करती है? सालों से चली आ रही लोगों की धारणा में जरा बहुत भी सच्चाई है या यह गर्मी सिर्फ एक एहसास है और असल में शरीर का तापमान घट सकता है.

शारदा केयर हेल्थसिटी के इंटरनल मेडिसिन में सीनियर कंसल्टेंट डॉ. नीरज कुमार कहते हैं, सर्दियों में शराब पीने के बाद अक्सर लोगों को लगता है कि शरीर में गर्माहट आ रही है, लेकिन यह गर्माहट वास्तव में शरीर के गर्म होने का संकेत नहीं है. शराब पीने से त्वचा के पास मौजूद रक्त वाहिकाएं फैल जाती हैं, जिससे त्वचा तक अधिक गर्म खून पहुंचता है और हमें गर्माहट महसूस होती है. हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया में शरीर की गर्मी तेजी से बाहर निकलने लगती है. नतीजा, जिससे शरीर का अंदरूनी तापमान कम हो सकता है.
असल में शरीर के अंदर क्या होता है?
जब गर्म खून त्वचा की ओर आता है, तो शरीर की गर्मी तेजी से बाहर के ठंडे वातावरण में निकलने लगती है. यानी ऊपर से गर्मी महसूस होती है, लेकिन शरीर का कोर तापमान गिरने लगता है. सामान्य तौर पर शरीर का तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस रहता है. ठंड में यह 35 डिग्री से नीचे चला जाए तो हाइपोथर्मिया की स्थिति बन सकती है, जो जानलेवा हो सकती है.
कांपना भी हो जाता है कम
ठंड लगने पर शरीर कांपकर गर्मी पैदा करने की कोशिश करता है। यह उसका प्राकृतिक बचाव तंत्र है. शराब शरीर का तापमान नियंत्रित करने वाले दिमागी तंत्र पर असर डालती है और ठंड के एहसास को भी धीमा कर देती है. नतीजा यह कि इंसान को खतरे का अंदाजा ही नहीं होता और शरीर धीरेधीरे ठंडा होता रहता है.
पुराना मिथक, नया खतरा
पहाड़ों और बर्फीले इलाकों में ठंड भगाने के लिए शराब की धारणा बरसों पुरानी है, लेकिन आपातकालीन चिकित्सा में हाइपोथर्मिया या अत्यधिक ठंड से प्रभावित व्यक्ति को शराब देने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इससे शरीर की गर्मी और तेजी से निकल सकती है।
किन लोगों को ज्यादा खतरा?
शराब पीकर खुले में, छत पर या ठंडे कमरे में सो जाने वाले, देर रात सफर करने वाले, बुजुर्ग, कम वजन वाले और दिल या ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए जोखिम ज्यादा रहता है. हर सर्दी में नशे की हालत में बाहर सोए लोगों की मौत की खबरें आती हैं. इसकी एक बड़ी वजह यही है कि शराब के असर में ठंड का एहसास ही खत्म हो जाता है.
और भी नुकसान
शराब यूरिन की मात्रा बढ़ाती है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है. इससे गहरी नींद की गुणवत्ता भी बिगड़ती है. ठंड में वैसे ही ब्लड प्रेशर और दिल पर दबाव बढ़ता है और शराब इसे और बढ़ा सकती है. नशे में संतुलन बिगड़ने से गिरने और चोट लगने का खतरा भी रहता है, जो ठंड में ज्यादा गंभीर हो सकता है.
WHO के मुताबिक, शराब कम हो या ज्यादा, सुरक्षित नहीं मानी जाती. अगर कोई व्यक्ति ठंड में बहुत कांप रहा हो, उलझा हुआ या बेहद सुस्त लगे, तो उसे तुरंत गर्म जगह ले जाएं और डॉक्टर को दिखाएं. ऐसे व्यक्ति को शराब न दें.



