भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने नेस्ले इंडिया लिमिटेड और हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड को नोटिस जारी किए. इन पर आरोप है कि उन्होंने अपने दो प्रोडक्ट्स के बारे में गुमराह करने वाले दावे किए हैं और नियमों का पालन नहीं किया है. हिंदुस्तान यूनिलीवर को यह नोटिस उसके ‘हॉर्लिक्स मदर्स प्लस केसर 400 ग्राम BIB’ उत्पाद के संबंध में दिया गया है, जबकि नेस्ले इंडिया को उसके ‘रिसोर्स रीनल वैनिलाफ्लेवर्ड पाउडर’ को लेकर नोटिस मिला है. यह पाउडर उन लोगों के लिए है जिन्हें क्रोनिक किडनी की बीमारी है और जिनका इलाज बिना सर्जरी के चल रहा है.

हॉर्लिक्स पर उठे सवाल
एचयूएल के मामले में यह नोटिस उसके उत्पाद ‘हॉर्लिक्स विमेंस प्लस चॉकलेट न्यूट्रिशन ड्रिंक 400 ग्राम’ पर भ्रामक दावों के लिए जारी किया गया है. FSSAI ने कहा कि मजबूत हड्डियों के लिए पोषण’, ‘6 महीने में हड्डियों की मजबूती बढ़ाने के लिए क्लिनिकली प्रमाणित’ और ‘हड्डियों के स्वास्थ्य में सुधार’ जैसे दावे भ्रामक पाए गए या ये लागू नियमों के अनुरूप नहीं थे. ‘स्वस्थ मांसपेशियां’ वाला दावा, खाद्य उत्पादों के दावों में “स्वस्थ” शब्द के इस्तेमाल से जुड़े नियमों का उल्लंघन करता पाया गया. इसके अलावा, नियामक ने बताया कि उत्पाद में माल्टोडेक्सट्रिन की मौजूदगी को देखते हुए, “कोई अतिरिक्त चीनी नहीं” वाले दावे को भी भ्रामक माना गया. “कैल्शियम, विटामिन D और K2 की 100 प्रतिशत RDA” वाला दावा भी खाद्य सुरक्षा के लागू नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया.
हॉर्लिक्स मदर्स प्लस केसर के लिए मिला नोटिस
HUL से जुड़े एक अन्य मामले में, FSSAI ने “हॉर्लिक्स मदर्स प्लस केसर 400g BIB” पर किए गए भ्रामक दावों के लिए भी नोटिस जारी किया है. रेगुलेटर ने कहा कि प्रोडक्ट के लेबल पर ‘स्वस्थ जन्म वजन’ और विज्ञापन में ‘बच्चे के स्वस्थ जन्म वजन के लिए’ जैसे दावे संभावित रूप से भ्रामक हैं और ये FSS विनियम, 2018 का उल्लंघन करते हैं. नियामक ने आगे बताया कि ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उत्पाद के नाम के साथ यह भी लिखा गया था ‘गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान उपयोगी; जन्म के समय सही वजन के लिए प्रोटीन और मस्तिष्क के विकास के लिए DHA कोई अतिरिक्त चीनी नहीं’. HUL को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तय समय के भीतर अपना जवाब देने का निर्देश दिया गया है. FSSAI ने चेतावनी दी है कि अगर जवाब संतोषजनक नहीं रहा, तो आगे की कार्रवाई की जाएगी. एफएसएसएआई ने एचयूएल को निर्धारित समयसीमा के भीतर नोटिस का जवाब देने को कहा है. संबंधित लाइसेंसिंग प्राधिकरणों और ईकॉमर्स मंचों से भी आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है.
नेस्कैफे की रेडीटूड्रिंक पर एक्शन
इस बीच, रेगुलेटर ने ‘नेस्कैफे रेडीटूड्रिंक’ प्रोडक्ट्स से जुड़े नियमों का पालन न करने पर नेस्ले इंडिया, श्राइबर डायनामिक्स डेरीज प्राइवेट लिमिटेड और लोटस डेयरी प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी किया है. पता चला है कि नेस्ले इंडिया ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ‘नेस्कैफे इंटेंस कैफे’ , ‘नेस्कैफे चोको मोचा’ और ‘नेस्कैफे चिल्ड लाटे’ की मार्केटिंग और बिक्री कर रही थी. इन प्रोडक्ट्स को श्राइबर डायनामिक्स डेरीज और लोटस डेयरी प्रोडक्ट्स द्वारा बनाया गया था. इन उत्पादों की पैकेजिंग पर दी गई जानकारी में विरोधाभास पाया गया. पैक के सामने वाले हिस्से पर इसे ‘फ्लेवर्ड मिल्क’ बताया गया था, जबकि पीछे वाले हिस्से पर इसे ‘प्रोपराइटरी फूड डेयरी बेस्ड ड्रिंक’ बताया गया था.
रेगुलेटर ने मांगा स्पष्टीकरण
ईकॉमर्स लिस्टिंग में भी इन प्रोडक्ट्स को “कॉफी फ्लेवर्ड मिल्क” के रूप में बताया गया था. इस वजह से उत्पाद के लेबल और उसके विज्ञापनों के बीच विरोधाभास पैदा हो गया. ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म पर प्रोडक्ट की डिटेल में ऐसे दावे किए गए थे, जैसे कि “फ्लेवर्ड डबल टोन्ड मिल्क की खूबियों से तैयार”, जो उत्पाद की घोषित स्ट्रक्चर या कैटेगिरी से मेल नहीं खाते थे. रेगुलेटर ने कंपनी से स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा कि उत्पाद को ‘प्रोपराइटरी फूड’ बताना “गलत” है. नेस्ले इंडिया से जुड़े एक अन्य मामले में, FSSAI ने “नेस्ले रिसोर्स रीनल वैनिला फ्लेवर पाउडर” को लेकर भ्रामक दावे करने पर नोटिस जारी किया है.
फूड अथॉरिटीज से मंजूरी लेना जरूरी
यह प्रोडक्ट ‘क्रॉनिक किडनी डिसीज’ वाले उन लोगों के लिए है, जिनका इलाज चल रहा है. यह एक विशेष मेडिकल स्थिति में खानपान के प्रबंधन के लिए है. इस तरह के प्रोडक्ट्स को बेचने के लिए फूड अथॉरिटीज से पहले से मंजूरी लेना जरूरी है. यह FSS रेगुलेशंस, 2022 के तहत अनिवार्य है. हालांकि, FSSAI का कहना है कि नेस्ले इंडिया ने जरूरी पूर्वमंजूरी नहीं ली है, जिससे यह उत्पाद लागू नियमों का पालन नहीं करता है.



