
लुधियाना: पंजाब के लुधियाना में एक वकील की हत्या की कथित साजिश का मामला सामने आया है। एडवोकेट गगनप्रीत सिंह की शिकायत के आधार पर पुलिस ने विदेश में रह रहे जूता कारोबारी गुरविंदर सिंह प्रिंकल समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि वकील की हत्या के लिए 10 लाख रुपये की सुपारी देने की पेशकश की गई थी। मामले में पुलिस ने कारोबारी के पिता और भाई को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपों की जांच जारी है।
पुराने विवाद से शुरू हुई रंजिश
पुलिस को दिए बयान में एडवोकेट गगनप्रीत सिंह ने बताया कि वह पिछले 17 वर्षों से वकालत कर रहे हैं। उनके मुताबिक, वर्ष 2022 में वह पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस से जुड़े एक मामले में वकील के तौर पर पेश हुए थे। आरोप है कि इसके बाद गुरविंदर सिंह प्रिंकल ने उन पर केस छोड़ने का दबाव बनाया और कथित तौर पर धमकियां दीं।
गगनप्रीत का आरोप है कि जब उन्होंने पीछे हटने से इनकार किया तो सोशल मीडिया पर उनकी पत्नी और परिवार के बारे में आपत्तिजनक पोस्ट की गईं। इस मामले में पहले भी प्रिंकल के खिलाफ केस दर्ज होने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, वह इस सिलसिले में करीब छह से सात महीने जेल में भी रहा था।
विदेश जाने के बाद भी धमकियां देने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, मई और जून 2026 में नए मामले दर्ज होने के बाद प्रिंकल कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए विदेश चला गया। इसके बाद अदालत में पेश नहीं होने के कारण उसकी जमानत रद्द होने की बात भी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, उसे भगोड़ा घोषित करने की कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
गगनप्रीत ने आरोप लगाया कि विदेश में रहने के दौरान भी प्रिंकल ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें धमकाया। शिकायतकर्ता का कहना है कि धमकियों का सिलसिला यहीं नहीं रुका और बाद में उनकी हत्या की साजिश की जानकारी मिली।
विदेशी नंबर से आई कॉल में 10 लाख की सुपारी का दावा
एडवोकेट गगनप्रीत सिंह के बयान के अनुसार, 9 और 10 सितंबर 2026 की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे उनके मोबाइल पर एक विदेशी नंबर से कॉल आई। इसके बाद उन्हें व्हाट्सएप पर संदेश मिला और बाद में उसी नंबर से दोबारा संपर्क किया गया।
शिकायतकर्ता का दावा है कि कॉल करने वाले एक अज्ञात व्यक्ति ने बताया कि प्रिंकल ने उन्हें गोली मारने के लिए 10 लाख रुपये देने की पेशकश की थी। कथित तौर पर हथियार, रहने की जगह और मोटरसाइकिल उपलब्ध कराने की बात भी कही गई थी।
हालांकि, इस कथित सुपारी से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। पुलिस जांच के दौरान इन तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी।
कार्यालय की तस्वीरें और कथित रिकॉर्डिंग मिलने का दावा
गगनप्रीत के मुताबिक, फोन करने वाले व्यक्ति ने उनके और उनके कार्यालय के आसपास की कुछ तस्वीरें भेजीं। शिकायत में दावा किया गया कि तस्वीरों से कार्यालय की रेकी किए जाने का संदेह हुआ। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि उसे प्रिंकल और कॉल करने वाले व्यक्ति के बीच हुई बातचीत की एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग भेजी गई थी।
पुलिस के लिए अब इन सामग्रियों की सत्यता, उन्हें भेजने वाले व्यक्ति की पहचान और कथित साजिश में उनकी भूमिका की जांच करना अहम होगा।
पिता, भाई और महिला मित्र पर आर्थिक मदद का आरोप
शिकायत में प्रिंकल के पिता, भाई और महिला मित्र नवजीत कौर ढिल्लों का नाम भी शामिल किया गया है। गगनप्रीत का आरोप है कि इन लोगों ने बैंक खातों के जरिए प्रिंकल को आर्थिक मदद पहुंचाई, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर साजिश और अन्य गतिविधियों में किया गया।
पुलिस ने इस मामले में प्रिंकल के पिता और भाई को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य नामजद लोगों की भूमिका और आरोपों से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।
पुलिस जांच से सामने आएगी साजिश की वास्तविकता
थाना सराभा नगर पुलिस ने शिकायत के आधार पर हत्या की साजिश, संगठित अपराध और अन्य संबंधित आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में कथित कॉल, तस्वीरों, रिकॉर्डिंग और बैंक लेन-देन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।
फिलहाल मामला शिकायतकर्ता के आरोपों और पुलिस जांच के आधार पर आगे बढ़ रहा है। कथित सुपारी की साजिश में किसकी क्या भूमिका थी, इसका अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगा।
सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध समाचार रिपोर्ट और शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में दोष या निर्दोषता का अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।



