एक्टर टाइगर श्रॉफ पर मुंबई के जुहू इलाके में फायरिंग हुई. फिलहाल वो खतरे से बाहर हैं. हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग के अनिल पंडित ने ली है. टाइगर पर गोली चलाने वाली तीनों शूटरों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार कर लिया गया है. पूछताछ की जा रही है. मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तीनों में से दो वो हैं जिन्होंने रविवार को टाइगर पर गोली चलाई थी.

आइए इसी बहाने जानते हैं कि फायरिंग करने या हत्या का प्रयास करने पर कितने साल की जेल होती है, कौनकौन सी धाराएं लगती हैं और क्या कहता है आर्म्स एक्ट?
हत्या का प्रयास करने पर कितने साल की जेल?
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के वकील उमेश शर्मा का कहना है,किसी पर गोली चलाने की घटना हो तो पुलिस आमतौर पर एक साथ दो कानूनों में केस दर्ज करती है. एक है भारतीय न्याय संहिता , जो जुलाई 2024 से IPC की जगह लागू की गई थी. दूसरा है आर्म्स एक्ट 1959. पहला कानून हमले के अपराध की सजा तय करता है. दूसरा बताता है कि हथियार रखना, लाना या चलाना खुद में कितना बड़ा जुर्म है.
हत्या के प्रयास में BNS में धारा 109 तब लगती है जब कोई ऐसा काम करे, जिसके पीछे जान लेने की मंशा या जानकारी हो और हालात ऐसे हों कि मौत हो जाती तो मामला हत्या का बनता. इसमें पीड़ित का बच जाना मायने नहीं रखता. कानून के उदाहरण में भी साफ है कि जान से मारने के इरादे से किसी पर गोली चलाना इसी धारा के तहत अपराध है.
टाइगर श्रॉफ पर हमला करने वालों की तस्वीर आई
सजा दो स्तर पर होती है
- अगर किसी को चोट नहीं लगी, तो 10 साल तक की कैद और जुर्माना.
- अगर गोली से किसी को चोट पहुंची, तो उम्रकैद तक की सजा हो सकती है.
- अगर आरोपी पहले से उम्रकैद की सजा काट रहा हो और चोट पहुंचाए, तो धारा 109 में मृत्युदंड या शेष जीवन तक कैद का प्रावधान है.
क्या हर फायरिंग में धारा 109 लगती है?
नहीं. यह धारा तभी टिकती है जब जान लेने की मंशा साबित हो. पुलिस इसके लिए गोली की दिशा, दूरी, शरीर के किस हिस्से पर निशाना था और पहले की धमकियों जैसे सबूत देखती है. अगर सिर्फ डराने के लिए हवा में या दीवार पर गोली चली हो, तो आमतौर पर दूसरी धाराएं लगती हैं, जैसे
- धारा 110: गैरइरादतन हत्या के प्रयास की धारा, जिसमें सजा 109 से कम है.
- धारा 125: दूसरों की जान या सुरक्षा को खतरे में डालने वाला काम.
- धारा 351: आपराधिक धमकी.
#WATCH | Kota, Rajasthan: Three accused, including a minor, have been apprehended by Kota Police in connection with the firing on Bollywood actor Tiger Shroff
SP Tejaswani Gautam said the accused, Rehan alias Sukka of Haryana, Hritik Kurmi alias Roshan of Bihar, and a minor, will be handed over to Mumbai Police.
— ANI October 19, 2026
कौनसी धाराएं जुड़ सकती हैं?
अगर एक से ज्यादा लोग शामिल हों, तो धारा 3 और आपराधिक साजिश की धारा 61 जुड़ सकती है. अगर मामले के पीछे पैसे की वसूली या धमकी का एंगल हो, तो जबरन वसूली की धारा 308 लग सकती है.
आर्म्स एक्ट: हथियार का अपराध अलग से
धारा 109 जान लेने की कोशिश पर लगती है, जबकि आर्म्स एक्ट इस पर कि हथियार वैध था या नहीं और उसका इस्तेमाल कैसे हुआ.
- धारा 3: हथियार रखने, लानेले जाने के लिए लाइसेंस जरूरी है. इसके बिना हथियार रखने पर धारा 25 में सजा होती है. सामान्य मामलों में यह कुछ साल की कैद और जुर्माना है.
- प्रतिबंधित हथियार या गोलाबारूद: इनके मामले में सजा कहीं ज्यादा सख्त है. 2019 के संशोधन के बाद यह 7 साल से लेकर उम्रकैद तक हो सकती है.
- धारा 27: यह हथियार के इस्तेमाल पर सजा तय करती है. नियम तोड़कर हथियार चलाने पर आमतौर पर कई साल की कैद और जुर्माना है. प्रतिबंधित हथियार के इस्तेमाल पर सजा और कड़ी है, और इसके कारण मौत हो जाए तो सबसे सख्त प्रावधान लागू होता है.
- 2019 का संशोधन: इसने अवैध हथियार बनाने, बेचने और रखने की सजा बढ़ाई. एक व्यक्ति को अधिकतम दो हथियार रखने की इजाजत दी और पुलिस या सेना से हथियार छीनने को नया अपराध बनाया.
- गैंग या सिंडिकेट: अगर कोई अपराधी गिरोह के लिए या उसकी ओर से हथियार रखता पाया जाए, तो न्यूनतम सजा 10 साल है और यह उम्रकैद तक जा सकती है.



