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ग्वालियर हादसा गूगल मैप के सहारे: प्रतिबंधित रास्ते पर पहुंचा धान से भरा ट्रक, 15 लोगों की मौत; कांपता मिला चालक

ग्वालियर हादसा गूगल मैप के सहारे: प्रतिबंधित रास्ते पर पहुंचा धान से भरा ट्रक, 15 लोगों की मौत; कांपता मिला चालक

ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण ट्रक हादसे में 15 लोगों की मौत और 25 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, धान से लदा ट्रक कथित तौर पर रास्ता खोजते हुए प्रतिबंधित मार्ग में पहुंच गया और वहां मौजूद श्रद्धालुओं को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने कुछ घंटे बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।

रास्ता तलाशते हुए प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंचा ट्रक

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली निवासी करीब 40 वर्षीय चालक बिलबाग सिंह जीपीएस की मदद से रास्ता तलाश रहा था। इसी दौरान पंजाब में पंजीकृत धान से भरा ट्रक शीतला माता मंदिर के पास उस रास्ते में पहुंच गया, जहां वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है।

यह घटना शनिवार देर रात करीब डेढ़ बजे चिनोर रोड पर हुई। बताया गया है कि ट्रक श्रद्धालुओं को कुचलते हुए सड़क किनारे बनी दुकानों से टकराया और फिर मंदिर के प्रवेश द्वार से जा भिड़ा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंदिर की दीवार का एक हिस्सा ढह गया और कुछ लोग मलबे में दब गए।

गिरफ्तारी के बाद सदमे में था चालक

पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद चालक मौके से भाग गया था। कुछ घंटे बाद उसे मंदिर के पास छिपे होने की स्थिति में गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि चालक काफी डरा हुआ और सदमे में था। पूछताछ के दौरान उसे यह भी याद नहीं आ रहा था कि वह माल लेकर कहां जा रहा था।

शुरुआती जांच में ट्रक के ब्रेक फेल होने या चालक द्वारा समय पर ब्रेक नहीं लगा पाने की आशंका जताई गई है। एक अधिकारी के मुताबिक, संभव है कि वाहन को नियंत्रित करने की कोशिश में चालक ने ट्रक को बाईं ओर मोड़ दिया हो। हालांकि, हादसे की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

मंदिर के आसपास वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध

ग्वालियर शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित शीतला माता मंदिर में नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भीड़ और जाम की स्थिति से बचने के लिए मंदिर के आसपास लगभग एक किलोमीटर के दायरे में वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहती है।

जिलाधिकारी रुचिका चौहान के अनुसार, ट्रक तेज रफ्तार में पुलिस के अवरोधक तोड़ते हुए आगे बढ़ा। वाहन को रोकने की कोशिश में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए। अधिकारियों ने आशंका जताई कि यदि ट्रक की दिशा अलग होती, तो वह बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को अपनी चपेट में ले सकता था।

मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई

हादसे के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए। साथ ही, ग्वालियर के नगर पुलिस अधीक्षक को हटाने और कथित लापरवाही के मामले में तीन थाना प्रभारियों, एक यातायात निरीक्षक, एक प्रधान आरक्षक तथा तीन आरक्षकों को निलंबित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने भी अलग से मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी किए हैं। अपर जिलाधिकारी सीबी प्रसाद को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि ट्रक प्रतिबंधित मार्ग तक कैसे पहुंचा, रास्ते में लगाए गए अवरोधकों के बावजूद वह आगे कैसे बढ़ा और इस घटना में किन स्तरों पर लापरवाही हुई। इसके अलावा, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी उपायों की भी सिफारिश की जाएगी।

हादसे के कारणों का इंतजार

ग्वालियर का यह हादसा सड़क सुरक्षा, प्रतिबंधित मार्गों पर निगरानी और भारी वाहनों की आवाजाही से जुड़े सवाल खड़े करता है। फिलहाल, ब्रेक में खराबी और चालक की भूमिका को लेकर सामने आई बातें शुरुआती जांच का हिस्सा हैं। अंतिम निष्कर्ष मजिस्ट्रेट जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएंगे।

सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और अधिकारियों के शुरुआती बयानों के आधार पर तैयार की गई है। हादसे के कारणों से संबंधित कुछ तथ्य अभी जांच के अधीन हैं। अंतिम जिम्मेदारी का निर्धारण जांच रिपोर्ट और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगा।

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