
एटा: उत्तर प्रदेश के एटा जिले में नवरात्र के नौ दिन व्रत रखने वाली 10वीं की छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। परिवार के साथ मंदिर में दर्शन करने के बाद छात्रा ने आइसक्रीम, चाऊमीन और कोल्ड ड्रिंक का सेवन किया था। कुछ देर बाद उसे उल्टी हुई और वह बेहोश हो गई। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। घटना से परिवार में मातम छा गया।
मृत छात्रा की पहचान मिरहची के मारहरा रोड निवासी शरद श्रीवास्तव की 14 वर्षीय बेटी भावना उर्फ तनु के रूप में हुई। वह मारहरा के एंजेल द फ्यूचर स्कूल में 10वीं कक्षा में पढ़ती थी। उसके पिता नोएडा की एक निजी कंपनी में काम करते हैं।
मंदिर में दर्शन के बाद परिवार के साथ खाया खाना
परिजनों के मुताबिक, तनु ने नवरात्र के दौरान नौ दिन तक व्रत रखा था। नवमी की पूजा करने और कन्या पूजन के बाद उसने व्रत खोला। इसके बाद वह अपनी मां कल्पना, भाई-बहनों और बुआ नीलम के साथ कासगंज स्थित चामुंडा मंदिर में दर्शन करने गई।
दर्शन के बाद परिवार के लोगों ने आइसक्रीम और चाऊमीन खाई। इसके बाद सभी बस स्टैंड पहुंचे और वहां से ऑटो से मिरहची के लिए रवाना हुए। रास्ते में तनु ने कोल्ड ड्रिंक भी पी।
रास्ते में हुई उल्टी, फिर बेहोश हो गई छात्रा
परिवार के अनुसार, ऑटो जब नदरई के पास पहुंचा तो तनु को उल्टी होने लगी। कुछ देर बाद वह बेहोश हो गई। बेटी की हालत बिगड़ते देखकर मां और बुआ घबरा गईं। मिरहची पहुंचने पर उसे एक चिकित्सक को दिखाया गया, जिन्होंने हालत को देखते हुए कासगंज ले जाने की सलाह दी।
इसके बाद परिजन उसे लेकर कासगंज के एक निजी अस्पताल पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद छात्रा को मृत घोषित कर दिया। शाम को जब परिजन उसका शव लेकर घर पहुंचे तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। पिता के नोएडा से लौटने का इंतजार किया जाने लगा।
मौत की वजह को लेकर क्या सामने आया?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चिकित्सकों ने आशंका जताई कि चाऊमीन का कुछ हिस्सा सांस की नली में फंसने से परेशानी हुई हो सकती है। हालांकि, मौत का सटीक कारण आधिकारिक जांच या चिकित्सकीय पुष्टि के बिना निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता।
कम उम्र में बेटी को खोने से परिवार सदमे में है। मंदिर दर्शन के बाद हुई इस दुखद घटना ने पूरे परिवार को झकझोर दिया।
सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर परिजनों से मिली जानकारी और उपलब्ध शुरुआती विवरणों पर आधारित है। मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि संबंधित चिकित्सकीय जांच या आधिकारिक जानकारी से ही हो सकेगी।



