
भोपाल: शराब दुकान का ठेका हासिल करने के लिए जमा कराई गई सावधि जमा यानी फिक्स्ड डिपॉजिट की रसीद जांच में कथित तौर पर फर्जी पाई गई। मामले में आबकारी विभाग की शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने हरियाणा के झज्जर जिले के निवासी जसवंत सिंह के खिलाफ जालसाजी का मामला दर्ज किया। अब पुलिस बैंक से संबंधित दस्तावेज जुटाकर पूरे मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, मामला भोपाल में पीएंडटी चौराहे के पास स्थित शराब दुकान के ठेके से जुड़ा है। यह ठेका लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से 27 करोड़ 55 लाख 35 हजार रुपये से अधिक की राशि पर जारी किया गया था। नियमों के तहत ठेका लेने वाले को सुरक्षा राशि के रूप में करीब 2 करोड़ 75 लाख 53 हजार रुपये जमा कराने थे।
बताया गया कि यह ठेका जसवंत सिंह को आवंटित हुआ था। सुरक्षा राशि से संबंधित दस्तावेजों में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की ई-फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद जमा कराई गई थी। आबकारी विभाग ने इस दस्तावेज की पुष्टि के लिए बैंक से संपर्क किया और कई बार पत्राचार किया।
विभागीय जांच के दौरान बैंक की ओर से 12 अक्टूबर 2026 को संबंधित रसीद को फर्जी बताए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद आबकारी विभाग ने मामले में कार्रवाई के लिए भोपाल के कोहेफिजा थाने में शिकायत भेजी। सहायक आबकारी आयुक्त मुकेश कुमार खरे की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जसवंत सिंह के खिलाफ जालसाजी का प्रकरण दर्ज कर लिया।
अब पुलिस बैंक से संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेज जुटाने की तैयारी कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित फर्जी रसीद किस तरह तैयार की गई और उसका इस्तेमाल ठेका हासिल करने के लिए कैसे किया गया। जांच के दौरान दस्तावेजों की पुष्टि और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
फिलहाल, आरोपी के खिलाफ दर्ज मामला जांच के अधीन है। आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।
सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध जानकारी और दर्ज पुलिस प्रकरण के विवरण पर आधारित है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।



