
सूरत, गुजरात: सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने के लिए एक युवक को रेलवे स्टेशन पर फर्जी टीटीई बनकर यात्रियों के टिकट जांचना और उनसे पैसे लेना भारी पड़ गया। आरोप है कि युवक ने सूरत रेलवे स्टेशन पर खुद को टिकट परीक्षक बताकर यात्रियों से रकम ली और इस पूरी गतिविधि को मनोरंजन के लिए रिकॉर्ड किया। मामला सामने आने के बाद रेलवे सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू की और युवक को गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई।
रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी की पहचान 25 वर्षीय सामीउल्लाह शेख के रूप में हुई है। इस घटना ने रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा और सोशल मीडिया के लिए बनाए जाने वाले गैर-जिम्मेदाराना कंटेंट को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पैन कार्ड को पहचान पत्र बनाकर स्टेशन पहुंचा युवक
बताया गया है कि युवक रविवार को सूरत रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर टीटीई जैसी वेशभूषा पहनकर पहुंचा था। आरोप है कि उसने अपने पैन कार्ड को पहचान पत्र की तरह गले में लटका रखा था और हाथ में टिकट की जांच करने के लिए कागज लेकर यात्रियों के पास जाने लगा।
युवक कथित तौर पर यात्रियों से टिकट दिखाने को कहता और कुछ लोगों से पैसे भी लेता था। रिपोर्टों में दावा किया गया कि उसने यह जानने के लिए ऐसा किया कि फर्जी टीटीई बनकर कितनी रकम जुटाई जा सकती है। बाद में वह ट्रेन के अंदर भी पहुंच गया और कुछ यात्रियों से पैसे लिए। बताया गया है कि उसने बाद में कुछ रकम वापस भी कर दी।
सोशल मीडिया पर पोस्ट के बाद रेलवे हरकत में आया
इस मामले से जुड़ी पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के बाद लोगों ने रेलवे प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। यूजर्स ने चिंता जताई कि कोई व्यक्ति फर्जी रेलवे कर्मचारी बनकर यात्रियों को गुमराह कर सकता है और इससे सुरक्षा संबंधी खतरे पैदा हो सकते हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, मुंबई सेंट्रल मंडल के रेलवे अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने जांच शुरू की। बताया गया कि संयुक्त टीम ने लिम्बायत-उधना इलाके से आरोपी को गिरफ्तार किया।
रेलवे अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान युवक ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने यह गतिविधि मनोरंजन के उद्देश्य से की थी। उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 145(2)(ए) और 147 के तहत मामला दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है।
इन आरोपों में रेलवे परिसर में अनुचित व्यवहार और अनधिकृत प्रवेश से जुड़े प्रावधान शामिल बताए गए हैं। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी निष्कर्ष संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।
रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि गिरफ्तारी के बाद युवक ने माफी मांगी और अपने सोशल मीडिया अकाउंट से संबंधित पोस्ट हटा दीं।
सोशल मीडिया की लोकप्रियता के लिए जोखिम भरे स्टंट पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के स्टंट करना कितना जोखिम भरा हो सकता है। रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थान पर फर्जी कर्मचारी बनकर यात्रियों से संपर्क करना लोगों को भ्रमित कर सकता है और सुरक्षा व्यवस्था में बाधा पैदा कर सकता है।
रेलवे में टीटीई की पहचान और जिम्मेदारियां निर्धारित होती हैं। ऐसे में किसी व्यक्ति का बिना अधिकार रेलवे कर्मचारी बनकर टिकट जांचना या पैसे लेना गंभीर मामला हो सकता है।
सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई से जुड़े विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगा।



