
ब्रिटेन: पार्किंग टिकट को लेकर महिला अधिकारी के साथ बदसलूकी करना 58 वर्षीय एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। कॉर्नवाल के रहने वाले स्टीफन लैंग ने चालान से नाराज होकर पहले टिकट महिला अधिकारी के चेहरे की तरफ फेंका और फिर लौटकर उसे मसलकर दोबारा फेंक दिया। बाद में जुर्माने का भुगतान नहीं करने पर मामला अदालत पहुंचा, जहां उसे कुल 2,270.90 पाउंड यानी करीब 2.8 लाख रुपये चुकाने का आदेश दिया गया।
चालान मिलने पर भड़क गया शख्स
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मामला उस समय शुरू हुआ, जब स्टीफन लैंग ने अपनी कार निर्धारित पार्किंग स्थान से बाहर खड़ी कर दी। इस पर एक महिला सिविल एनफोर्समेंट अधिकारी ने उसकी गाड़ी पर पार्किंग टिकट जारी कर दिया।
टिकट मिलने से नाराज लैंग ने कार की विंडस्क्रीन से चालान निकाला और महिला अधिकारी के चेहरे की तरफ फेंक दिया। इसके बाद वह वहां से चला गया। हालांकि, कुछ देर बाद वह फिर लौटा। उस समय महिला अधिकारी जमीन पर पड़े टिकट को उठाने की कोशिश कर रही थी। लैंग ने टिकट को हाथ से मसलकर गेंद जैसा बनाया और दोबारा अधिकारी की तरफ फेंक दिया।
कैमरों में दर्ज हुई पूरी घटना
इस घटना से जुड़े साक्ष्य अधिकारी के शरीर पर लगे कैमरे और पार्किंग क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों से मिले। इन्हीं साक्ष्यों ने मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई।
जुर्माना नहीं भरा तो अदालत पहुंचा मामला
कॉर्नवाल काउंसिल के अनुसार, लैंग को 20 नवंबर 2025 को कूड़ा फैलाने के मामले में दोषी पाया गया था और उसे 250 पाउंड का जुर्माना भरने का नोटिस दिया गया था। भुगतान नहीं करने पर उसे नोटिस और चेतावनी भी भेजी गई, लेकिन उसने रकम जमा नहीं की।
इसके बाद मामला ट्रूरो मजिस्ट्रेट कोर्ट पहुंचा। सुनवाई के दौरान लैंग अदालत में मौजूद नहीं था। अदालत ने उसकी गैरमौजूदगी में उसे दोषी ठहराते हुए भुगतान का आदेश दिया।
कुल 2.8 लाख रुपये से ज्यादा चुकाने का आदेश
अदालत के आदेश के मुताबिक, लैंग को अलग-अलग मदों में रकम चुकानी होगी:
- 250 पाउंड: जुर्माना
- 1,920.90 पाउंड: कानूनी खर्च
- 100 पाउंड: विक्टिम सरचार्ज यानी पीड़ित के लिए अतिरिक्त शुल्क
इस तरह कुल रकम 2,270.90 पाउंड हो गई, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 2.8 लाख रुपये है।
कॉर्नवाल काउंसिल की कम्युनिटी सेफ्टी और पब्लिक हेल्थ से जुड़ी कैबिनेट सदस्य थालिया मैरिंगटन ने इस व्यवहार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाना और अपना काम कर रहे अधिकारियों के साथ आक्रामक व्यवहार करना स्वीकार्य नहीं है।
सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और संबंधित परिषद की जानकारी पर आधारित है। जुर्माने की राशि का भारतीय रुपये में मूल्य विनिमय दर के अनुसार बदल सकता है।



