
बेंगलुरु: ऑटो के बजाय बाइक टैक्सी चुनने पर एक यात्री को कथित तौर पर परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्री ने आरोप लगाया कि Rapido बाइक टैक्सी से सफर करते समय एक ऑटो चालक ने उनका पीछा किया और चलती बाइक से उन्हें नीचे खींचने की कोशिश की। मामला सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यात्रियों की सुरक्षा और ऑटो-बाइक टैक्सी चालकों के बीच तनाव को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
120 रुपये किराया बताने पर बुक की बाइक टैक्सी
यात्री ने Reddit के एक फोरम पर अपनी आपबीती साझा की। उनके मुताबिक, उन्हें बेंगलुरु में करीब 2 से 3 किलोमीटर की दूरी तय करनी थी। इसके लिए उन्होंने कई ऑटो चालकों से बात की, लेकिन कथित तौर पर सभी ने लगभग 120 रुपये किराया बताया।
इसके बाद यात्री ने कम खर्च में सफर करने के लिए Rapido बाइक टैक्सी बुक कर ली। यात्री का दावा है कि बाइक से रवाना होने के बाद एक ऑटो चालक ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया।
चलती बाइक से खींचने की कोशिश का आरोप
यात्री के अनुसार, ऑटो चालक बाइक के पास पहुंचा और उनका हाथ पकड़कर नीचे खींचने की कोशिश की। यात्री ने आशंका जताई कि अगर ऐसा हो जाता, तो वह चलती बाइक से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो सकते थे।
उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से बेंगलुरु में रह रहे हैं, लेकिन पहले कभी ऐसी स्थिति का सामना नहीं किया था। यात्री का कहना था कि ऑटो चालक बाइक टैक्सी सेवाओं से असहमत हो सकते हैं, लेकिन किसी यात्री की सुरक्षा खतरे में डालना उचित नहीं है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने दी पुलिस में शिकायत की सलाह
पोस्ट सामने आने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने यात्री को पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी। कुछ लोगों ने कहा कि यदि ऑटो का रजिस्ट्रेशन नंबर उपलब्ध हो, तो उसकी मदद से चालक की पहचान की जा सकती है। वहीं, कुछ यूजर्स ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कराने का सुझाव दिया।
कुछ लोगों ने अपने अनुभव साझा करते हुए ऑटो और बाइक टैक्सी सेवाओं के बीच कथित तनाव का भी जिक्र किया। हालांकि, सोशल मीडिया पर सामने आए अन्य अनुभव इस खास घटना की पुष्टि नहीं करते।
क्या पुलिस में दर्ज हुई शिकायत?
फिलहाल, इस मामले की जानकारी यात्री की सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। उपलब्ध विवरण से यह स्पष्ट नहीं है कि यात्री ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है या संबंधित चालक की पहचान हुई है। इसलिए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
यह घटना यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर सवाल उठाती है। किसी भी तरह के किराया विवाद या परिवहन सेवा को लेकर असहमति की स्थिति में कानून अपने हाथ में लेने के बजाय संबंधित अधिकारियों से शिकायत करना उचित रास्ता है।

सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट और उस पर आई प्रतिक्रियाओं पर आधारित है। यात्री द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।



