
चीन की रोबोटिक्स कंपनी Unitree Robotics का H2-X ‘कुंग फू लीजेंड: गार्जियन’ इन दिनों अपनी क्षमताओं को लेकर चर्चा में है। कंपनी की ओर से साझा किए गए एक प्रदर्शन में रोबोट को कार उठाते, वाहन में फंसे व्यक्ति को बाहर निकालते और हमलावर का सामना करते हुए दिखाया गया है। इसके फिल्मी अंदाज वाले स्टंट लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। हालांकि, इन दृश्यों से यह साबित नहीं होता कि रोबोट वास्तविक परिस्थितियों में बिना मानवीय नियंत्रण के इसी तरह बचाव अभियान चला सकता है।
कार उठाने से लेकर बचाव करने तक के प्रदर्शन
सामने आए प्रदर्शन में रोबोट को कई तरह की मुश्किल परिस्थितियों से निपटते हुए दिखाया गया है। एक दृश्य में वह कार में फंसे व्यक्ति को निकालने के लिए दरवाजा तोड़ता नजर आता है, जबकि दूसरे में वाहन को उठाता दिखाई देता है।
एक अन्य दृश्य में रोबोट एक महिला के सामने खड़े चाकूधारी हमलावर का मुकाबला करता है। वहीं, एक दृश्य में सड़क पर आती गाड़ी के रास्ते से व्यक्ति को हटाकर उसकी जान बचाने जैसा प्रदर्शन दिखाया गया है।
इन दृश्यों को एक्शन फिल्मों की शैली में पेश किया गया है। लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि हर गतिविधि वास्तविक परिस्थितियों में कितनी प्रभावी होगी और इसके लिए किस तरह का नियंत्रण या पूर्व-निर्धारित प्रोग्रामिंग इस्तेमाल की गई।
क्या है Unitree का H2-X ‘गार्जियन’ रोबोट?
कंपनी की साझा की गई जानकारी के अनुसार, H2-X को ‘कुंग फू लीजेंड: गार्जियन’ नाम से पेश किया गया है। उपलब्ध विवरण में इसकी लंबाई करीब 1.8 मीटर और वजन लगभग 70 किलोग्राम बताया गया है। कंपनी ने इसकी बैटरी क्षमता को लेकर लगभग आठ घंटे तक काम करने का दावा भी किया है।
Unitree Robotics इससे पहले भी अपने ह्यूमनॉइड रोबोट्स के डांस और मार्शल आर्ट जैसे प्रदर्शनों के कारण चर्चा में रही है। इस तरह के रोबोट भविष्य में औद्योगिक काम, सुरक्षा और आपातकालीन बचाव जैसे क्षेत्रों में उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन इसके लिए उनकी विश्वसनीयता और सुरक्षा का वास्तविक परिस्थितियों में परीक्षण जरूरी है।
क्या रोबोट सच में अपने दम पर कर सकता है ये सब?
इस प्रदर्शन को लेकर सबसे अहम सवाल यही है कि रोबोट ने इन गतिविधियों को किस हद तक स्वायत्त रूप से किया। केवल प्रदर्शनी या प्रचार के लिए तैयार किए गए दृश्यों के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि मशीन अपने आप खतरे को पहचानकर सही फैसला ले सकती है।
कंपनी की साझा की गई सामग्री में सुरक्षित इस्तेमाल पर जोर दिया गया है। इसमें रोबोट से करीब दो से तीन मीटर की दूरी बनाए रखने की चेतावनी भी बताई गई है।
फिलहाल, यह प्रदर्शन रोबोटिक्स तकनीक की संभावनाओं की झलक जरूर देता है, लेकिन वास्तविक बचाव अभियानों में इसकी क्षमता और सुरक्षा को लेकर स्वतंत्र परीक्षणों की जानकारी जरूरी होगी।
सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर कंपनी की ओर से साझा की गई जानकारी और उपलब्ध विवरण पर आधारित है। रोबोट की वास्तविक परिस्थितियों में कार्यक्षमता और प्रदर्शन में दिखाए गए सभी कारनामों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।



