
नाजिया इलाही खान ने सनातन धर्म में वापसी की इच्छा जताते हुए अपने पूर्वजों की परंपरा को स्वीकार करने की बात कही है। सुप्रीम कोर्ट की वकील और भाजपा नेता नाजिया के इस बयान के बाद उनका यह फैसला चर्चा में है।
नाजिया इलाही खान के मुताबिक, वह जल्द ही सनातन धर्म में वापसी करेंगी। उन्होंने लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर को पिता समान बताते हुए कहा कि वह उनके साथ खड़े हैं और उन्होंने उन्हें अपना गोत्र दिया है। नाजिया ने कहा कि वह अपने पूर्वजों की सच्चाई स्वीकार करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने संविधान, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और इस्लाम में मौजूद कुरीतियों जैसे मुद्दों पर अपनी राय खुलकर रखने की बात भी कही। नाजिया का दावा है कि इन विषयों पर उनके बयानों से कुछ लोग उनसे नाराज हैं।
इंदौर के रामघाट पर किया था पूर्वजों का श्राद्ध
नाजिया इलाही खान ने बताया कि हाल ही में वह मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित रामघाट गई थीं, जहां उन्होंने अपने पूर्वजों के लिए श्राद्ध किया। इसके बाद उन्होंने सनातन धर्म में वापसी करने की घोषणा की। उनके अनुसार, वह अपने पूर्वजों की परंपरा को स्वीकार करते हुए यह कदम उठाना चाहती हैं।
कौन हैं नाजिया इलाही खान?
नाजिया इलाही खान मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं। उन्होंने कोलकाता विश्वविद्यालय से एलएलबी और एलएलएम की पढ़ाई की है। वह वकालत करती हैं और तीन तलाक से जुड़े मामले में इशरत जहां की कानूनी सलाहकार के तौर पर भी चर्चा में रही थीं।
रिपोर्ट के मुताबिक, नाजिया वर्ष 2018 में भाजपा में शामिल हुई थीं और फिलहाल पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चे से जुड़ी हैं।
पाकिस्तान से धमकियां मिलने का भी किया था दावा
नाजिया इलाही खान ने पहले पाकिस्तान से जान से मारने की धमकियां मिलने का दावा भी किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि आईएसआई से जुड़े बताए गए शहजाद भट्टी और हुनैन राणा की ओर से उन्हें निजी नंबरों से धमकी भरे संदेश भेजे गए थे।
नाजिया के अनुसार, इन संदेशों में उन्हें, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सुवेंदु अधिकारी को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई थी। उन्होंने इस संबंध में पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों से शिकायत करने की बात कही थी। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी संबंधित रिपोर्ट में नहीं दी गई है।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और संबंधित व्यक्ति के बयानों पर आधारित है। दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।



