कच्चे तेल की कीमतों का असर अब गाड़ियों के मेंटेनेंस पर भी दिखाई देने लगा है. टायर कंपनियां अब टायर की कीमतों में इजाफा करने की प्लानिंग कर रही है. एक कंपनी ने तो इसका ऐलान भी कर दिया है. देश की जानी मानी टायर कंपनी जेके टायर ने कीमतों में इजाफा करने का बड़ा ऐलान किया है. कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, JK टायर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड चालू अक्टूबरदिसंबर तिमाही में अपने टायरों की कीमतों में 45 प्रतिशत की और बढ़ोतरी करने की योजना बना रही है. कंपनी ऐसा कच्चे माल की बढ़ती लागत और कंटेनर फ्रेट खर्चों के असर को कम करने के लिए कर रही है.

टायर की कीमतों में होगा इजाफा
कंपनी के दूसरे तिमाही के नतीजों की घोषणा के बाद, JK टायर के प्रबंध निदेशक अंशुमान सिंघानिया ने पत्रकारों को बताया कि हम तीसरी तिमाही में कीमतों में 45 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने का इरादा रखते हैं. इससे पहले पहली तिमाही में कीमतों में 5 प्रतिशत और दूसरी तिमाही में 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी. उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में भूराजनीतिक तनाव के कारण कारोबारी माहौल चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. कच्चे माल की लागत “लगातार ऊंची” बनी हुई है, और सप्लाई चेन में भी दिक्कतें आ रही हैं. इसके अलावा, कंटेनर फ्रेट दरें भी अपने पुराने स्तरों की तुलना में काफी अधिक हैं.
मुनाफे में बड़ी गिरावट
जुलाईसितंबर तिमाही के लिए, JK टायर का टैक्स के बाद समेकित मुनाफा सालाना आधार पर 71.5 प्रतिशत घटकर 65.11 करोड़ रुपए रह गया. ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई का मार्जिन 13.3 प्रतिशत से गिरकर 7.1 प्रतिशत पर आ गया है. सिंघानिया ने बताया कि दूसरी तिमाही में कच्चे माल की लागत पहली तिमाही के मुकाबले लगभग 9 प्रतिशत बढ़ गई है.
चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में इसमें कुल मिलाकर लगभग 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा, “तीसरी तिमाही में, हमें कच्चे माल की पूरी बास्केट की लागत में 45 प्रतिशत की और बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.” साथ ही, उन्होंने बताया कि कंपनी के उत्पादों के मिश्रण में सुधार हो रहा है. उनके अनुसार, बड़े रिम वाले टायरों की मांग ‘ओरिजिनल इक्विपमेंट’ और ‘रिप्लेसमेंट’ दोनों ही श्रेणियों में बढ़ रही है.



