दिल से जुड़ी बीमारियां अब सिर्फ बढ़ती उम्र की परेशानी नहीं रह गई है, बल्कि जवान लोगों भी हार्ट प्रॉब्लम की चपेट में आ रहे हैं, इसलिए जरूरी है कि इसके हर पहलू पर ध्यान दिया जाए. हमारी खराब ओरल हेल्थ की वजह से सिर्फ दांत, मसूड़ों को नुकसान नहीं पहुंचता है, बल्कि ये हमारे दिल के लिए भी गंभीर समस्या हो सकती है. मुंह का इंफेक्शन दिल तक पहुंच सकता है. इस आर्टिकल में जानिए कि क्या जीभ की मांसपेशियां आपके दिल तक जाती हैं और मुंह का संक्रमण आपके हार्ट को कितना ज्यादा गंभीर हो सकता है.

के मुताबिक, CVDs यानी कार्डियोवैस्कुलर बीमारियां दुनिया भर में मौत का सबसे बड़ा कारण हैं. 2025 में छपा लेख कहता है कि साल 2022 में दिल की बीमारियों के कारण 19.8 मिलियन लोगों की मौत हुई. ये दुनिया भर में 32 प्रतिशत है तो वहीं इसमें से 85 प्रतिशत मौतें हार्ट अटैक और स्ट्रोक के कारण हुईं. जान लेते हैं ओरल हेल्थ का दिल पर क्या होता है असर.
जीभ और दिल में क्या है कनेक्शन?
हार्ट अटैक के लक्षण दिखने पर कई बार जीभ के नीचे टेबलेट रखने को कहा जाता है, लेकिन जीभ की नसों का दिल से कोई सीधा कनेक्शन नहीं होता है. दरअसल हमारी जीभ की मांसपेशियों में एक छोटा सा हिस्सा होता है जो वेगस नर्व नियंत्रित करती है. वेगस नर्व हमारे मस्तिष्क से शुरू होती है और ये गर्दन से लेकर दिल और पाचन तंत्र तक फैली होती है. हालांकि संक्रमण फैलने का मुख्य कारण होता है ब्लड स्ट्री के जरिए बैक्टीरिया दिल की अंदरूनी परत या हार्ट वाल्व्स तक पहुंचना.
खराब ओरल हेल्थ का दिल पर असर
नवजीवन हॉस्पिटल के डायरेक्टर, डॉक्टर प्रवीन कुमार ने बताया कि जीभ का आपके दिल से कनेक्शन हो सकता है. ओरल हेल्थ को सही रखना बहुत जरूरी है. अगर आपके जीभ में ओरल इंफेक्शन होता है तो आपके रक्त प्रवाह के द्वारा आपके हृदय में जा सकता है जो आपके वाल्व को खराब कर सकता है, इसलिए हमेशा ओरल हेल्थ का सही ध्यान रखें.
कैसे पड़ता है दिल पर असर?
में छपे एक लेख के मुताबिक, 2022 के एक अध्ययन में जीभ पर मौजूद सूक्ष्मजीवों और हृदय के स्वास्थ्य के बीच संबंध पाया गया है. एक और स्टडी के बारे में कहा गया है कि कंजेस्टिव हार्ट फेलियर से पीड़ित लोगों की जीभ की तुलना उन लोगों की जीभ से की गई, जिन्हें यह बीमारी नहीं थी. शोधकर्ताओं ने पाया कि CHF वाले लोगों की जीभ पर मौजूद सूक्ष्मजीव , स्वस्थ लोगों की जीभ पर मौजूद सूक्ष्मजीवों से अलग थे.
ओरल हेल्थ का कैसे रखें ध्यान?
- दांत और मसूड़ों को स्वस्थ रखने के लिए दिन में दो बार कम से कम 2 मिनट तक ब्रशिंग करें.
- दांतों के साथ ही जीभ को भी साफ करें ताकि गंदगी के बारीक कण और बैक्टिरायं साफ हो जाएं.
- ब्रश से दांतों के बीच फंसे खाने के कण नहीं निकल पाते हैं, इसलिए जरूरी है कि रोजाना फ्लॉसिंग भी करें.
- मुंह में होने वाले संक्रमण से बचने के लिए एंटीबैक्टीरियल माउथवॉश का यूज करना चाहिए.
- हर तीन महीने में ब्रश बदलते रहना चाहिए. अगर ब्रिसल्स खराब हो रहे हो तो आप इसे जल्दी भी चेंज कर सकते हैं.
- साल में कम से कम 2 से 3 बार डेंटिस्ट से जरूर मिलना चाहिए और चेकअप करवाएं.
- मुंह से बदबू, दांतों में प्लाक का जमा होना, कैविटी, मसूड़ों में दर्दू, सूजन, दांत में पानी लगना, जैसी दिक्कतें हैं तो एक्सपर्ट से मिलें.
- मसूड़ों से खून आ रहा है, मुंह में चकत्ते, घाव या छाले सही नहीं हो रहे हैं तो दो हफ्ते से पहले इसे डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए.



