उत्तर प्रदेश के मतदाता सूची की SIR के बाद गड़बड़ियां सामने आ रही हैं. पीलीभीत और आजमगढ़ के बाद अबबस्ती जिले में मतदाता सूची के विशेष अभियान के दौरान कई गड़बड़ियां सामने आई हैं. कहीं एक ही व्यक्ति का नाम दो से तीन जगह दर्ज मिला है, तो कहीं नाम, पता और फोटो समान होने के बावजूद EPIC नंबर अलगअलग पाए गए हैं. कुछ मामलों में एक ही नाम से अलगअलग तस्वीरें भी दर्ज होने की शिकायत मिली है. जिला प्रशासन ने अब तक 152 दोहरी प्रविष्टियां चिह्नित होने की जानकारी दी है और इनकी जांच शुरू कर दी है.

भारत निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने और पहले से दर्ज विवरण में सुधार के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में 17 और 24 अक्टूबर को बस्ती जिले के विभिन्न मतदान केंद्रों पर बीएलओ की टीमें मतदाताओं से आवेदन और शिकायतें प्राप्त कर रही हैं. इस दौरान बस्ती शहर के खैर कॉलेज स्थित मतदान केंद्र पर मतदाता सूची में दोहरी प्रविष्टियों के कई मामले सामने आए.
जिले के निर्वाचन आयोग के पीयूष गुप्ता ने बताया कि लगभग नाम संदेहजनक हैं, उनकी जांच की जा रही है और जिनका दो जगहों पर नाम है, उसे हटाया जा रहा है.
एक ही महिला का नाम तीन जगह, EPIC नंबर अलगअलग
खैर कॉलेज स्थित मतदान केंद्र पर शिकायत लेकर पहुंचीं आसिया खातून ने बताया कि मतदाता सूची में उनका नाम तीन अलगअलग जगह दर्ज है. तीनों प्रविष्टियों में उनकी तस्वीर एक जैसी है, लेकिन EPIC नंबर अलगअलग हैं, जबकि उनके पति राकेश का नाम और पता दोनों वोटर आईडी में समान हैं.
इसी तरह गुड़िया नाम की महिला ने बताया कि उनका नाम दो जगह दर्ज है. दोनों प्रविष्टियों में EPIC नंबर और तस्वीरें अलगअलग हैं, जबकि उनके पति राकेश का नाम और पता समान है. तुर्कहिया की रहने वाली कुसुम देवी के मामले में भी दोहरी प्रविष्टि की शिकायत सामने आई है. दोनों जगह उनके पति सौरभ का नाम और फोटो समान बताए गए हैं, लेकिन EPIC नंबर अलगअलग हैं.
इसके अलावा अदीबा वहीद, जिनके पिता का नाम अब्दुल वहीद है, का नाम भी दो जगह दर्ज होने की जानकारी मिली है. दोनों प्रविष्टियों में फोटो समान हैं, लेकिन EPIC नंबर अलग हैं. अब्दुल हमीद के मामले में भी नाम और फोटो समान होने के बावजूद अलगअलग EPIC नंबर दर्ज होने की बात सामने आई है.
152 दोहरी प्रविष्टियां चिह्नित, प्रशासन ने शुरू की जांच
मतदाता सूची में सामने आई इन विसंगतियों को लेकर जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है. अपर जिलाधिकारी ज्ञान चंद्र गुप्ता ने बताया कि 10 अप्रैल 2026 को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया गया था. इसके बाद कुछ नामों की दोहरी प्रविष्टियों की जानकारी सामने आई है.
उन्होंने बताया कि अब तक 152 नामों की दोहरी प्रविष्टियां चिह्नित की गई हैं. इनकी जांच की जा रही है. सत्यापन के बाद जिन मतदाताओं के नाम एक से अधिक जगह दर्ज पाए जाएंगे, उनकी अतिरिक्त प्रविष्टियां नियमानुसार हटाई जाएंगी.
डेटा एंट्री की गलती या सत्यापन में चूक?
मतदाता सूची में एक ही व्यक्ति के नाम पर अलगअलग EPIC नंबर दर्ज होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं. आखिर एक ही नाम, पते और फोटो के आधार पर एक से अधिक मतदाता पहचान संख्या कैसे जारी हो गईं? क्या यह डेटा एंट्री की गलती है या मतदाता सूची के सत्यापन में किसी स्तर पर चूक हुई है?
हालांकि, एक ही व्यक्ति के नाम पर दोहरी प्रविष्टि या अलगअलग EPIC नंबर मिलने का यह अर्थ नहीं है कि संबंधित व्यक्ति ने एक से अधिक बार मतदान किया है या जानबूझकर फर्जी तरीके से नाम दर्ज कराया है. इसकी पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और निर्वाचन रिकॉर्ड की जांच के बाद ही हो सकती है.



