पेट्रोल पंप पर स्वच्छ शौचालयों को बेहतर ग्राहक सेवा का अहम हिस्सा बनाने के लिए सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने निगरानी तेज कर दी है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के स्वच्छता अभियान के तहत कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी खुद ईंधन केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं. साथ ही, क्यूआर कोड के जरिये ग्राहकों से सुविधाओं की गुणवत्ता पर प्रतिक्रिया भी ली जा रही है. इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के निदेशक विभिन्न पेट्रोल पंप पर शौचालयों की साफसफाई और रखरखाव का जायजा ले रहे हैं.

क्यूआर कोड की व्यवस्था
इंडियन ऑयल के निदेशक सौमित्र प्रिय श्रीवास्तव ने मुंबई के सीओसीओ बीकेसी और 3 स्टार ईंधन स्टेशन का निरीक्षण किया. उन्होंने स्वच्छ शौचालय और ग्राहकों की प्रतिक्रिया के लिए लगाए गए दर्पण क्यूआर कोड की व्यवस्था को रेखांकित किया. श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि छोटीछोटी बातें ग्राहकों का भरोसा मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाती हैं. इसी तरह, बीपीसीएल के निदेशक शुभांकर सेन ने नई दिल्ली स्थित बीपी शांतिपथ पेट्रोल पंप पर कंपनी की ड्राइवफ्रेश शौचालय सुविधाओं और ग्राहकों की अनुभव की व्यवस्था का निरीक्षण किया.
उन्होंने स्वच्छता के संदेश के साथ बी फ्रेश, ड्राइव फ्रेश का नारा भी दिया. यह अभियान केवल वरिष्ठ अधिकारियों के निरीक्षण तक सीमित नहीं है. इंडियन ऑयल के वरिष्ठ खुदरा अधिकारियों ने कोलकाता, इंदौर, जबलपुर और रीवा समेत विभिन्न शहरों में पेट्रोल पंप पर शौचालयों की सफाई, रखरखाव की व्यवस्था की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने ग्राहकों से बातचीत कर उनके अनुभव भी जाने.
दे सकते हैं शिकायतें और सुझाव
कंपनियों के अनुसार, शौचालयों की नियमित सफाई के लिए समर्पित सफाईकर्मियों, सेंसर आधारित निगरानी और क्यूआर कोड के माध्यम से मिलने वाली प्रतिक्रियाओं का सहारा लिया जा रहा है. ग्राहक क्यूआर कोड स्कैन कर सुविधाओं को रेटिंग देने के साथ अपनी शिकायतें और सुझाव भी साझा कर सकते हैं. इससे कमियों की पहचान कर समय पर सुधारात्मक कदम उठाने में मदद मिलेगी. पेट्रोलियम कंपनियों का जोर इस बात पर है कि शौचालय केवल निरीक्षण के समय ही साफ न दिखें, बल्कि हर यात्री को इस्तेमाल के दौरान स्वच्छ और सुविधाजनक व्यवस्था मिले.
लंबी दूरी की यात्रा करने वाले वाहन चालकों के लिए साफ शौचालय एक बुनियादी जरूरत है और यह पेट्रोल पंप की ग्राहक सेवा की गुणवत्ता भी दर्शाता है. उद्योग विशेषज्ञों के मुताबिक, ईंधन की उपलब्धता के साथसाथ सुविधाजनक और स्वच्छ वातावरण भी ग्राहकों के अनुभव को प्रभावित करता है. ऐसे में पेट्रोलियम कंपनियों की यह पहल स्वच्छता को महज अभियान तक सीमित रखने के बजाय नियमित प्रबंधन और जवाबदेही का हिस्सा बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.



