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श्रद्धा दुबे की पुरानी रील्स भी बटोर रहीं लाखों व्यूज, लेकिन हत्यारोपी बनने के बाद; 15 लाख लोगों ने सर्च किया

श्रद्धा दुबे की पुरानी रील्स भी बटोर रहीं लाखों व्यूज, लेकिन हत्यारोपी बनने के बाद; 15 लाख लोगों ने सर्च किया

लखनऊ: कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड की जांच के बीच आरोपी श्रद्धा दुबे का सोशल मीडिया अकाउंट भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मामले में नाम सामने आने के बाद उसके पुराने फैशन और मॉडलिंग से जुड़े पोस्ट पर लोगों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी। गूगल पर उसके नाम से जुड़ी खोजों में उछाल आया, जबकि इंस्टाग्राम पर मौजूद पुरानी रील्स के व्यूज भी बढ़ गए।

गूगल सर्च में दर्ज हुई बड़ी बढ़ोतरी

रिपोर्ट के अनुसार, 9 अक्टूबर के बाद श्रद्धा दुबे से जुड़े कीवर्ड, जैसे ‘श्रद्धा दुबे’, ‘श्रद्धा दुबे लखनऊ’ और ‘स्टाइलबुकबाईश्रद्धा’, बड़ी संख्या में सर्च किए गए। उपलब्ध आंकड़ों में इन खोजों की संख्या 15 लाख से अधिक बताई गई है।

उसके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या भी लगभग 1.42 लाख से बढ़कर 1.43 लाख तक पहुंचने की बात कही गई है। वहीं, उसके पुराने पोस्ट और फरारी के दौरान जारी किए गए बयानों से जुड़ी सामग्री के कुल व्यूज में भी बढ़ोतरी दर्ज होने की खबर है।

इस घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखाया है कि किसी बड़े आपराधिक मामले में नाम आने के बाद संबंधित व्यक्ति की पुरानी सोशल मीडिया गतिविधियां भी अचानक लोगों के ध्यान में आ सकती हैं।

नेपाल पहुंचाने में मदद के आरोपों की भी जांच

मामले में आमिर नाम के एक व्यक्ति की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई गई है। रिपोर्टों के अनुसार, उस पर श्रद्धा दुबे और अन्य आरोपियों को नेपाल पहुंचाने में मदद करने का संदेह है। पुलिस उससे पूछताछ कर चुकी है और उसकी भूमिका से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।

बताया गया है कि पुलिस को कुछ सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स भी मिले हैं, जिनकी मदद से संबंधित लोगों के संपर्कों और आवाजाही की पड़ताल की जा रही है। नेपाल पहुंचाने में कुछ अन्य लोगों की भूमिका की आशंका भी जताई गई है। हालांकि, किसी व्यक्ति की संलिप्तता का अंतिम निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकता है।

पुलिस की जांच में फरारी के रास्तों पर भी नजर

पुलिस कथित तौर पर यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी फरारी के दौरान किन रास्तों से गुजरे, कहां रुके और उन्हें किसने सहायता दी। इस सिलसिले में संदिग्ध लोगों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

फिलहाल, मामले का एक पहलू सोशल मीडिया पर बढ़ती दिलचस्पी है, जबकि दूसरा आरोपियों को कथित तौर पर मदद पहुंचाने वालों की भूमिका की जांच है। सोशल मीडिया पर लोकप्रियता या किसी पोस्ट के व्यूज अपने आप में किसी आरोप की पुष्टि नहीं करते।

Satya Report डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। इसमें वर्णित आरोप जांच के अधीन हैं और किसी भी व्यक्ति की दोषसिद्धि का निष्कर्ष अदालत के फैसले के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।

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