
बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने दो परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। तीन बच्चों का पिता और पांच बच्चों की मां अचानक अपने-अपने घरों से लापता हो गए। परिजनों का आरोप है कि दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था और वे एक साथ घर से निकले थे। उनके गायब होने के बाद आठ बच्चों की देखभाल और भविष्य को लेकर परिवार परेशान हैं।
15 साल पहले हुई थी अमित की शादी
मामला बाराबंकी के नगर कोतवाली और जहांगीराबाद क्षेत्र से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, अमित गुप्ता की शादी करीब 15 साल पहले अनीता देवी से हुई थी। उनके तीन बच्चे हैं। वहीं, जहांगीराबाद क्षेत्र की रहने वाली नीलम पांच बच्चों की मां हैं।
परिजनों का कहना है कि अमित और नीलम के बीच काफी समय से प्रेम संबंध थे। इसी बीच 8 अक्टूबर को दोनों अचानक अपने-अपने घरों से लापता हो गए। जब काफी देर तक उनका कोई पता नहीं चला, तो परिवारों ने उनकी तलाश शुरू की।
महिला के नकदी और जेवर ले जाने का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि घर से निकलते समय नीलम अपने साथ नकदी और जेवर भी ले गईं। हालांकि, इस संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
दोनों के मोबाइल फोन बंद होने के कारण परिवार के लोग उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश करने के बाद भी जब कोई जानकारी नहीं मिली, तो परिजनों ने पुलिस से मदद मांगी।
पीछे रह गए आठ बच्चे, परिवार परेशान
इस मामले में सबसे ज्यादा चिंता आठ बच्चों को लेकर जताई जा रही है। अमित के तीन और नीलम के पांच बच्चे हैं। दोनों के अचानक लापता होने से परिवारों के सामने बच्चों की देखभाल और भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
परिजन चाहते हैं कि दोनों का जल्द पता लगाया जाए, ताकि पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सके। बच्चों को भी अपने माता-पिता के लौटने की उम्मीद है।
पुलिस ने दर्ज की गुमशुदगी
जहांगीराबाद थाने के इंस्पेक्टर रामप्रकाश के मुताबिक, महिला के लापता होने की शिकायत पर गुमशुदगी दर्ज की गई है। नगर कोतवाली क्षेत्र के निवासी अमित गुप्ता के लापता होने की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है।
पुलिस के अनुसार, महिला की तलाश की जा रही है। दोनों के लापता होने के पीछे की पूरी स्थिति का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध समाचार जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। प्रेम संबंध और अन्य आरोप परिजनों के बयानों पर आधारित हैं। मामले की पूरी सच्चाई पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।



