
गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम के सोहना क्षेत्र में अध्यापक प्रशांत की पत्नी नीतू राघव की हत्या के मामले में पुलिस की जांच के दौरान नए खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, मामले के मुख्य साजिशकर्ता संदीप ने वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक को अपने ही घर की टांड पर छिपा दिया था। पुलिस से बचने के लिए उसने बाइक की नंबर प्लेट भी बदल दी थी। रिमांड के दौरान पूछताछ के बाद क्राइम ब्रांच ने बाइक बरामद कर ली। पुलिस के अनुसार, घर से लूटे गए जेवर भी बरामद किए गए हैं।
घर की टांड पर छिपाई थी बाइक
यह मामला सोहना के दौला गांव का है, जहां नीतू राघव की हत्या कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद संदीप ने इस्तेमाल की गई बाइक को घर लाकर बेडरूम में बनी टांड पर छिपा दिया। इससे पहले उसने बाइक की नंबर प्लेट बदल दी थी, ताकि जांच के दौरान उसकी पहचान करना मुश्किल हो जाए।
रिमांड के दौरान पूछताछ में बाइक छिपाने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने संदीप के घर की तलाशी ली और बाइक बरामद कर ली। पुलिस का कहना है कि आरोपित ने जांच को भटकाने के लिए भी कई कदम उठाए थे।
जेवर बरामद, लूट की कहानी पर भी जांच
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से घर से ले जाए गए जेवर भी बरामद किए हैं। जांच में पुलिस वारदात के दौरान हुई गतिविधियों और सामान ले जाने के पीछे की वजहों की पड़ताल कर रही है। बरामदगी को मामले के अहम साक्ष्यों में माना जा रहा है।
नाली के विवाद से शुरू हुई थी रंजिश
पुलिस सूत्रों के अनुसार, संदीप और नीतू के बीच करीब एक साल पहले नाली में कूड़ा डालने को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद से दोनों के बीच नाराजगी बनी हुई थी। बताया गया कि कुछ महीने पहले नीतू ने जमीन से जुड़े एक एग्रीमेंट को रद्द कराया, जिसके बाद संदीप ने कथित तौर पर उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची।
पुलिस के मुताबिक, संदीप ने रुड़की से अवनीश और अनुज को बुलाया था। आरोप है कि 16 अक्टूबर को इन लोगों ने मिलकर नीतू की हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
तीनों आरोपित जेल भेजे गए
इस मामले में पुलिस ने नीतू के जेठ संदीप, अवनीश और अनुज को 20 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद तीनों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब बरामद बाइक, जेवर और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ रही है।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। आरोपितों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।



