
गुरदासपुर: पंजाब के गुरदासपुर में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में दहेज उत्पीड़न के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मृतका के मायके पक्ष ने आरोप लगाया है कि ससुराल वाले ब्रेजा कार की मांग कर रहे थे और मांग पूरी नहीं होने पर उसे कथित तौर पर जहरीला पदार्थ दिया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शादी के बाद कार की मांग का आरोप
पुलिस को दिए बयान में मृतका के पिता ने बताया कि उनकी बेटी संदीप कौर की शादी 1 नवंबर 2023 को जसविंदर सिंह के साथ हुई थी। उनका आरोप है कि शादी के समय अपनी हैसियत से अधिक दहेज देने के बावजूद बेटी के ससुराल वाले संतुष्ट नहीं थे और ब्रेजा कार की मांग कर रहे थे।
परिवार का आरोप है कि कार की मांग को लेकर विवाहिता को परेशान किया जा रहा था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होनी बाकी है।
सास-ससुर और पति के खिलाफ मामला दर्ज
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विवाहिता की मौत के पीछे उसकी सास सरबजीत कौर और ससुर स्वर्ण सिंह की भूमिका है। साथ ही, पति जसविंदर सिंह पर भी कथित साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर तीनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामले में आरोपियों की भूमिका और विवाहिता की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, मामला दर्ज किए जाने के समय आरोपी फरार बताए गए थे। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
फिलहाल, यह स्पष्ट होना बाकी है कि विवाहिता की मौत किन परिस्थितियों में हुई और आरोपों के समर्थन में जांच के दौरान कौन-कौन से साक्ष्य सामने आते हैं। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।
दहेज की मांग पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर दहेज के लिए महिलाओं को कथित रूप से प्रताड़ित किए जाने की गंभीर समस्या की ओर ध्यान खींचती है। कानून के तहत दहेज मांगना और दहेज से जुड़े उत्पीड़न के मामले गंभीर अपराध हो सकते हैं। ऐसे मामलों में शिकायत मिलने पर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जरूरी है।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर पुलिस को दी गई शिकायत और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

