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​Etawah Crime News: नीले ड्रम के बाद ‘संदूक’ कांड, इस बार पति नहीं पिता का शव किया पैक; बेटी की हैवानियत जान रूह कांप जाए!

Etawah News: मेरठ का नीला ड्रम कांड अभी भी लोगों के जहन में है. इस केस के आरोपी मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा भी हो चुकी है. अब इसी तरह की एक वारदात इटावा से सामने आई है, जिसने रिश्तों को झकझोर कर रख दिया है. यहां एक नाबालिग बेटी और उसके प्रेमी पर अपने ही पिता की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है. पुलिस के मुताबिक, पिता बेटी के प्रेम संबंधों का विरोध करता था. इसी बात को लेकर घर में विवाद हुआ. आरोप है कि बेटी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पिता को रास्ते से हटाने की योजना बनाई. वारदात के बाद शव को तीन कंबलों में लपेटकर संदूक में बंद कर दिया गया. जब घर से बदबू आने लगी और परिजन वहां पहुंचे, तब इस मामले का खुलासा हुआ. पुलिस ने नाबालिग बेटी और उसके 21 वर्षीय प्रेमी को हिरासत में लिया है.

​Etawah Crime News: नीले ड्रम के बाद ‘संदूक’ कांड, इस बार पति नहीं पिता का शव किया पैक; बेटी की हैवानियत जान रूह कांप जाए!

पिता के साथ रहती थी छोटी बेटी

मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र की कांशीराम कॉलोनी का है. यहां टीबी अस्पताल के पीछे रहने वाले श्यामसुंदर कठेरिया सिक्योरिटी गार्ड का काम करते थे. वह अपनी छोटी बेटी सरिता के साथ रहते थे. उनकी बड़ी बेटी काजल की शादी हो चुकी है. वह जसवंतनगर क्षेत्र के भीकनपुर गांव में अपने ससुराल में रहती है. परिजनों के मुताबिक, दो से तीन दिनों तक श्यामसुंदर और सरिता से संपर्क नहीं हो पाया. इस पर काजल अपने ससुर के साथ पिता के घर पहुंची. वहां का नजारा देखकर वह हैरान रह गई. पिता का शव संदूक में बंद था, जबकि छोटी बहन घर से गायब थी. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई.

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5 महीने से प्रेम संबंध, पिता कर रहे थे विरोध

पुलिस की जांच में सामने आया कि सरिता का बकेवर थाना क्षेत्र के मातनटोला अहेरीपुर निवासी अभिलाष सिंह उर्फ छोटू उर्फ माचो से प्रेम संबंध था. दोनों के बीच 5 महीने से रिश्ता था. पुलिस के अनुसार, श्यामसुंदर को बेटी के इस रिश्ते की जानकारी हो गई थी और वह इसका विरोध कर रहे थे. इसी बात को लेकर पिता और बेटी के बीच विवाद हुआ था. आरोप है कि सरिता अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती थी. पिता इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं थे. इसी विरोध के चलते दोनों ने श्यामसुंदर की हत्या की साजिश रची.

चाय में नींद की दवा देने का आरोप, फिर की गई हत्या

पुलिस के मुताबिक, 21 अक्टूबर की रात वारदात को अंजाम दिया गया. श्यामसुंदर को चाय में नींद की दवा मिलाकर दी गई. उनके बेहोश होने के बाद उन्हें चारपाई से बांध दिया गया. इसके बाद चाकू से हमला किया गया और सिलबट्टे के बट्टे से सिर पर कई वार किए गए. हमले में श्यामसुंदर की मौत हो गई. वारदात के बाद शव को छिपाने के लिए तीन कंबलों में लपेटकर संदूक में बंद कर दिया गया. श्यामसुंदर का मोबाइल फोन भी नाले में फेंक दिया गया था. शुरुआती जानकारी में आरोपियों ने पहले शव को फ्रिज में रखने की कोशिश की थी, लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो संदूक में पैक कर दिया.

घर से बदबू आने पर खुला राज

हत्या के बाद शव संदूक में बंद होने के कारण किसी को घटना की जानकारी नहीं हुई, लेकिन जब घर से बदबू आने लगी और परिजन वहां पहुंचे तो पूरे मामले का खुलासा हो गया. बड़ी बेटी काजल ने पिता का शव संदूक में देखा, जबकि आरोपी सरिता वहां मौजूद नहीं थी. इसके बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की. SSP बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में एसओजी, सर्विलांस और सिविल लाइन थाना पुलिस की टीमों ने मामले की जांच की. पुलिस ने सरिता के प्रेम संबंधों की जानकारी जुटाई और उसकी तलाश शुरू कर दी.

पुलिस के मुताबिक, सोमवार को ग्वालियर तिराहे के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच के दौरान आरोपियों के बारे में सूचना मिली. इसके बाद पुलिस टीम ने सराय एसर गांव के चेक रोड के पास कार्रवाई करते हुए अभिलाष और सरिता को पकड़ लिया. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया सिलबट्टे का बट्टा, चाकू, खून से सने कपड़े और संदूक भी बरामद किया.

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