
एक बेजुबान पक्षी की जान बचाने के लिए पुलिसकर्मी ने जिस तरह धैर्य और संवेदनशीलता दिखाई, उसकी सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। पेड़ की टहनी में फंसा एक तोता छटपटा रहा था। उसके पैर में पतंग का मांझा उलझा हुआ था। ऐसे मुश्किल हालात में पुलिसकर्मी अश्वनी कुमार ने हार नहीं मानी और आखिरकार तोते को आजाद कराने में सफल रहे।
इस घटना ने लोगों का ध्यान खींचा है। सोशल मीडिया पर यूजर्स पुलिसकर्मी की तारीफ करते हुए कह रहे हैं कि असली हीरो वही है, जो बेजुबानों का दर्द समझता है।
पेड़ पर फंसे तोते की मदद के लिए आगे आए पुलिसकर्मी
सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के मुताबिक, अश्वनी कुमार ने एक पेड़ की टहनी में फंसे तोते को देखा। पक्षी वहां से निकलने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पतंग का मांझा उसके पैर में उलझा हुआ था। ऐसे में उसके घायल होने का खतरा था।
अश्वनी ने तोते को सुरक्षित निकालने की कोशिश शुरू की। काफी प्रयास के बाद वह पक्षी को पेड़ से नीचे लाने में सफल रहे, लेकिन उसके पैर में फंसा मांझा अब भी परेशानी बना हुआ था।
काफी कोशिश के बाद निकाला मांझा
तोते के पैर में उलझे मांझे को खोलना आसान नहीं था। पुलिसकर्मी ने पहले उसे हाथों से निकालने की कोशिश की, लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो उन्होंने मांझे को काटकर अलग किया। इसके बाद तोता उससे मुक्त हो सका।
बताई गई जानकारी के अनुसार, कुछ देर बाद तोता उड़ गया। इस तरह एक छोटी-सी कोशिश ने बेजुबान पक्षी को बड़ी परेशानी से बचा लिया।
‘असली हीरो वही, जो बेजुबानों का दर्द समझे’
अश्वनी कुमार ने इस घटना को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए संदेश दिया कि असली हीरो वही है, जो बेजुबानों का दर्द समझता है। उनकी इस पहल पर लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दीं।
कई यूजर्स ने पुलिसकर्मी की संवेदनशीलता की सराहना की। कुछ लोगों ने कहा कि इंसानियत सिर्फ मनुष्यों की मदद करने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद पशु-पक्षियों की रक्षा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
पतंग का मांझा पक्षियों के लिए क्यों है खतरनाक?
पतंग उड़ाने में इस्तेमाल होने वाला धारदार या मजबूत मांझा पक्षियों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। उड़ते समय यह उनके पंखों, पैरों और गर्दन में उलझ सकता है। पेड़ों या बिजली के तारों में फंसा मांझा भी पक्षियों को घायल कर सकता है।
अगर किसी पक्षी के शरीर में मांझा फंसा दिखे, तो उसे खींचकर निकालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इससे चोट बढ़ सकती है। बेहतर है कि प्रशिक्षित पशु-पक्षी बचाव दल या वन विभाग की मदद ली जाए। पक्षी को बचाते समय अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है।
यह घटना याद दिलाती है कि किसी बेजुबान की मदद के लिए उठाया गया छोटा-सा कदम भी बड़ा बदलाव ला सकता है।
अस्वीकरण: यह खबर सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी और उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। घटना से जुड़े सभी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
— Satya Report



