
परफ्यूम लगाते समय उसकी खुशबू ताजी और तेज महसूस होती है, लेकिन कुछ देर बाद वही खुशबू अलग लगने लगती है। कई लोगों को लगता है कि शायद परफ्यूम की गुणवत्ता अच्छी नहीं है, जबकि इसकी असली वजह उसकी रासायनिक संरचना, त्वचा की प्रकृति और हमारी सूंघने की क्षमता से जुड़ी होती है।
दरअसल, परफ्यूम किसी एक सुगंध से नहीं बनता। इसमें कई तरह के सुगंधित पदार्थ मिलाए जाते हैं, जो अलग-अलग समय पर अपनी खुशबू छोड़ते हैं। यही वजह है कि परफ्यूम लगाने के तुरंत बाद और कुछ घंटे बीतने पर उसकी महक में अंतर महसूस हो सकता है।
परफ्यूम में होती हैं खुशबू की तीन परतें
परफ्यूम की खुशबू को आमतौर पर तीन हिस्सों में समझा जाता है। इन्हें टॉप नोट्स, हार्ट नोट्स और बेस नोट्स कहा जाता है। हर परत का अपना अलग काम होता है।
1. टॉप नोट्स: परफ्यूम स्प्रे करते ही सबसे पहले जो खुशबू महसूस होती है, वह टॉप नोट्स की होती है। इसमें अक्सर नींबू जैसे खट्टे फलों, हल्की फूलों वाली या ताजी महक वाले सुगंधित पदार्थ शामिल होते हैं। ये अपेक्षाकृत जल्दी उड़ जाते हैं और इनकी खुशबू कुछ मिनटों से लेकर आधे घंटे तक प्रमुख रह सकती है।
2. हार्ट नोट्स: शुरुआती खुशबू हल्की होने के बाद परफ्यूम की मुख्य महक उभरती है। इसे हार्ट नोट्स कहते हैं। इसमें फूलों, मसालों और अन्य सुगंधित पदार्थों की महक हो सकती है। यह खुशबू कई घंटों तक महसूस हो सकती है, हालांकि इसकी अवधि परफ्यूम की बनावट पर निर्भर करती है।
3. बेस नोट्स: समय बीतने के बाद परफ्यूम में वनीला, मस्क, चंदन और अन्य अपेक्षाकृत टिकाऊ सुगंधों की महक प्रमुख हो सकती है। इन्हें बेस नोट्स कहा जाता है। ये त्वचा पर लंबे समय तक रह सकते हैं, लेकिन इनकी अवधि हर परफ्यूम में अलग होती है।
इस तरह, परफ्यूम की शुरुआती महक और कुछ घंटे बाद महसूस होने वाली खुशबू का अलग होना सामान्य प्रक्रिया है।
त्वचा की प्रकृति भी बदल सकती है खुशबू का अनुभव
परफ्यूम की महक हर व्यक्ति की त्वचा पर एक जैसी महसूस हो, यह जरूरी नहीं है। त्वचा का तापमान, नमी, प्राकृतिक तेल और परफ्यूम में मौजूद सामग्री इसकी खुशबू के फैलने तथा टिकने के तरीके को प्रभावित कर सकते हैं।
आमतौर पर शुष्क त्वचा पर कुछ सुगंधें जल्दी फीकी पड़ सकती हैं, जबकि त्वचा की नमी और तेल कुछ सुगंधित पदार्थों को लंबे समय तक टिके रहने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इसका असर परफ्यूम के प्रकार और उसकी संरचना पर भी निर्भर करता है।
इसी वजह से किसी दूसरे व्यक्ति पर पसंद आया परफ्यूम आपकी त्वचा पर थोड़ा अलग महसूस हो सकता है।
कई बार परफ्यूम नहीं, आपकी नाक बदल देती है अनुभव
क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि परफ्यूम लगाने के कुछ समय बाद आपको उसकी खुशबू महसूस होना कम हो जाती है, लेकिन आसपास के लोग कहते हैं कि महक अभी भी आ रही है?
इसका एक कारण ऑल्फैक्ट्री एडैप्टेशन यानी गंध के प्रति सूंघने की क्षमता का धीरे-धीरे अभ्यस्त हो जाना है। जब हम लंबे समय तक एक ही गंध के संपर्क में रहते हैं, तो हमारा मस्तिष्क उस गंध पर पहले जितना ध्यान नहीं देता। नतीजतन, परफ्यूम की खुशबू हमें हल्की लग सकती है, जबकि दूसरे लोग उसे अब भी महसूस कर सकते हैं।
इसलिए हर बार खुशबू कम महसूस होने का मतलब यह नहीं है कि परफ्यूम पूरी तरह उड़ गया है।
परफ्यूम खरीदते समय अपनाएं यह तरीका
परफ्यूम खरीदते समय केवल स्प्रे करने के तुरंत बाद आने वाली खुशबू के आधार पर फैसला न करें। उसे त्वचा पर लगाकर कुछ समय इंतजार करें और देखें कि शुरुआती महक के बाद उसकी खुशबू कैसी हो जाती है।
- परफ्यूम को कलाई पर लगाकर उसकी महक को अलग-अलग समय पर महसूस करें।
- शुरुआती खुशबू के साथ-साथ कुछ देर बाद उभरने वाले नोट्स पर भी ध्यान दें।
- एक ही समय में बहुत सारे परफ्यूम सूंघने से बचें, क्योंकि इससे खुशबुओं में अंतर पहचानना मुश्किल हो सकता है।
- परफ्यूम की टिकाऊ क्षमता और उसकी महक को अलग-अलग समझें। कोई सुगंध पसंद आना और उसका लंबे समय तक टिकना दो अलग बातें हैं।
Satya Report नोट: परफ्यूम की खुशबू में बदलाव उसकी संरचना, त्वचा और सूंघने की क्षमता जैसे कई कारकों से प्रभावित हो सकता है। किसी खास परफ्यूम का अनुभव व्यक्ति और उसके इस्तेमाल की परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकता है।



