प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की विवादित टिप्पणी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव और बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने नेताओं की भाषा पर संयम बरतने की जरूरत बताई है. रामगोपाल यादव ने खरगे की टिप्पणी से असहमति जताई, वहीं मायावती ने राजनीतिक दलों के बीच बढ़ती अशोभनीय बयानबाजी को अनुचित करार दिया.

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सभी को अपनी भाषा पर संयम रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पिता को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष ने जो टिप्पणी की, उससे वह बिल्कुल सहमत नहीं हैं.
रामगोपाल यादव ने कहा, ‘हर किसी को अपनी भाषा में संयम रखना चाहिए… प्रधानमंत्री के पिता के बारे में कांग्रेस अध्यक्ष ने जो कहा, उससे हम बिल्कुल सहमत नहीं हो सकते… राजनीतिक नेताओं को अपनी भाषा पर संयम रखना चाहिए, नहीं तो स्थिति लगातार बिगड़ती जाएगी.’
मायावती बोलीं राजनीतिक माहौल को कड़वा बना रही बयानबाजी
बसपा प्रमुख मायावती ने भी खरगे की टिप्पणी और उसके विरोध में बीजेपी के देशव्यापी प्रदर्शन के बीच राजनीतिक दलों की बयानबाजी पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति में आपसी विश्वास की कमी, द्वेष, कटुता और आरोपप्रत्यारोप का स्तर लगातार गिर रहा है. अब यह व्यक्तिगत टिप्पणियों से आगे बढ़कर अमर्यादित और अपमानजनक भाषा तक पहुंच गया है, जो बेहद दुखद है.
मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि शीर्ष पदों पर बैठे लोगों के बीच भले ही एकदूसरे के प्रति सम्मान कम हो, लेकिन आपत्तिजनक और विषैली राजनीति को किसी भी तरह बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी देश की गरिमा और राजनीतिक व्यवस्था में जनता के भरोसे के लिए चिंता का विषय है… भ्रष्टाचार और चुनावी प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों के कारण जनता पहले से ही बेचैन है… ऐसे में नेताओं के बीच व्यक्तिगत प्रतिष्ठा की लड़ाई हालात को और गंभीर बना रही है.
गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई पर ध्यान देने की नसीहत
मायावती ने कहा कि जनता चाहती है कि राजनीतिक दल देश में बढ़ती गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई जैसी समस्याओं के समाधान पर ध्यान दें, लेकिन नेताओं के बीच अशोभनीय टिप्पणियों और बयानबाजी की बढ़ती होड़ राजनीतिक माहौल को और कड़वा बना रही है. उन्होंने सभी दलों और नेताओं से इस प्रवृत्ति पर ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि इस तरह की बयानबाजी अनुचित है और इसे रोकने के लिए गंभीरता से प्रयास किए जाने चाहिए.
क्या है पूरा विवाद?
बिहार की राजधानी पटना में रविवार को बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री और स्वतंत्रता सेनानी श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी को लेकर विवादों में आ गए. कार्यक्रम के दौरान एक शख्स ने कहा कि प्रधानमंत्री कहीं नहीं जाएंगे. इसके जवाब में खरगे ने कहा, ‘मोदी का बाप भी जाएगा.’ इस टिप्पणी को लेकर बीजेपी ने विरोध जताया और सोमवार को देशभर में प्रदर्शन किया.


