
उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद (MLC) चुनावों की मतगणना के दौरान कई सीटों पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला। उत्तर प्रदेश में भाजपा और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों ने अलग-अलग सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि बिहार में राजद और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी महत्वपूर्ण सीटों पर सफलता हासिल की। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव और भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली।
उत्तर प्रदेश में BJP और सपा के उम्मीदवारों को मिली जीत
उत्तर प्रदेश की मेरठ स्नातक सीट से भाजपा के दिनेश कुमार गोयल और मेरठ शिक्षक सीट से श्रीचंद शर्मा ने जीत दर्ज की। वहीं, लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार उमेश द्विवेदी भी विजयी रहे।
बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के डॉ. हरि सिंह ढिल्लों ने सपा उम्मीदवार दानिश अख्तर को हराया। जीत के बाद ढिल्लों ने इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों की जीत बताया।
दूसरी ओर, वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के लाल बिहारी यादव ने जीत हासिल की। उन्होंने अपनी जीत को शिक्षकों के समर्थन से जोड़ते हुए पार्टी के पक्ष में इसे महत्वपूर्ण परिणाम बताया।
गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर निर्दलीय और BJP के बीच कांटे की टक्कर
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना के दौरान मुकाबला बेहद करीबी रहा। शुरुआती रुझानों में भाजपा के ध्रुव कुमार त्रिपाठी और निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव के बीच आगे निकलने की होड़ दिखी।
दूसरे चक्र की मतगणना से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार, राजीव यादव को कुल 7,456 वोट मिले, जबकि ध्रुव त्रिपाठी को 7,423 वोट प्राप्त हुए। इस चरण में राजीव यादव 33 वोट से आगे बताए गए। सपा उम्मीदवार डॉ. संजयन त्रिपाठी को कुल 5,485 वोट मिले।
बिहार में RJD और निर्दलीय उम्मीदवारों का प्रदर्शन
बिहार के पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राजद उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार सिंह ने जीत हासिल की। उन्होंने शिक्षकों से किए गए वादों को पूरा करने और उनके हितों के लिए काम करने की बात कही। मतगणना के दौरान केंद्र पर हंगामे और समर्थकों के बीच विवाद की खबरें भी सामने आईं।
सारण शिक्षक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार राहुल राज विजयी रहे। उन्हें कुल 4,965 वोट मिले और उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 1,815 वोटों के अंतर से हराया।
तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार नरेंद्र प्रसाद सिंह की जीत की भी खबर सामने आई। वहीं, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना के एक चरण के बाद राजद उम्मीदवार दिलीप पटेल 4,267 वोटों के साथ जदयू के नीरज कुमार से आगे बताए गए। यह आंकड़ा संबंधित चरण का था, अंतिम परिणाम नहीं।
झांसी और लखनऊ में भी मुकाबला दिलचस्प
झांसी से जुड़े निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना में सपा उम्मीदवार मानसिंह यादव और भाजपा उम्मीदवार अशोक कुमार राठौर के बीच मुकाबला देखने को मिला। वहीं, लखनऊ स्नातक सीट पर सपा की कांति सिंह पटेल के आगे होने की खबर आई थी।
इन सीटों के शुरुआती रुझानों और अंतिम परिणामों में अंतर हो सकता है, इसलिए उम्मीदवारों की स्थिति को संबंधित समय की मतगणना के संदर्भ में ही देखना जरूरी है।
सपा उम्मीदवार ने मतदाता सूची पर उठाए सवाल
बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के नतीजों के बाद सपा उम्मीदवार दानिश अख्तर ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सूची में बड़ी संख्या में फर्जी नाम थे और इस संबंध में चुनाव आयोग को शिकायतें दी गई थीं।
ये आरोप दानिश अख्तर की ओर से लगाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित आधिकारिक जांच या प्रमाणों के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
चार राज्यों के चुनावों पर रही नजर
उत्तर प्रदेश और बिहार के अलावा महाराष्ट्र तथा कर्नाटक में भी शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना हुई। महाराष्ट्र में अलग-अलग सीटों पर महायुति और महाविकास आघाड़ी के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला रहा, जबकि कर्नाटक में भाजपा-जेडीएस गठबंधन और कांग्रेस के उम्मीदवारों के बीच टक्कर देखने को मिली।
इन चुनावों में शिक्षक और स्नातक मतदाताओं की भूमिका अहम रही। विभिन्न सीटों के नतीजों ने राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवारों की स्थिति को भी चर्चा में ला दिया।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मतगणना अपडेट और प्रकाशित रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। अलग-अलग समय के रुझानों और अंतिम परिणामों में अंतर हो सकता है। किसी सीट का अंतिम परिणाम जानने के लिए संबंधित निर्वाचन अधिकारी या चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा को प्राथमिकता दें।



