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​​​रात में सोते-सोते हाथ पड़ जाता है सुन्न? इन 5 वजहों को न करें नजरअंदाज, हो सकती है नसों से जुड़ी समस्या

​​​रात में सोते-सोते हाथ पड़ जाता है सुन्न? इन 5 वजहों को न करें नजरअंदाज, हो सकती है नसों से जुड़ी समस्या

क्या रात में सोते समय अचानक आपका हाथ सुन्न पड़ जाता है या उंगलियों में झनझनाहट होने लगती है? कई बार लोग हाथ हिलाकर या सोने की पोजीशन बदलकर दोबारा सो जाते हैं। कभी-कभार ऐसा होना हाथ पर अस्थायी दबाव पड़ने की वजह से हो सकता है, लेकिन अगर यह समस्या बार-बार होती है, तो इसके पीछे किसी दूसरी परेशानी की भूमिका भी हो सकती है।

हाथों में सुन्नपन की वजह गलत पोजीशन में सोना, कलाई या कोहनी की नस पर दबाव, गर्दन से जुड़ी समस्या, डायबिटीज या विटामिन बी12 की कमी हो सकती है। ऐसे में लक्षणों को समझना और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

1. गलत पोजीशन में सोना

सोते समय हाथ के नीचे सिर रख लेना या हाथ को शरीर के नीचे दबाकर सोना सुन्नपन की आम वजह हो सकती है। इस स्थिति में नसों पर दबाव पड़ सकता है, जिससे हाथ में झनझनाहट या सुन्न होने का एहसास होता है।

अक्सर हाथ की स्थिति बदलने और दबाव हटाने के बाद धीरे-धीरे राहत मिल जाती है। सोते समय हाथों को शरीर के नीचे दबाने से बचें और ऐसी पोजीशन अपनाएं, जिसमें गर्दन, कंधों और हाथों पर अनावश्यक दबाव न पड़े।

2. कार्पल टनल सिंड्रोम हो सकता है कारण

कार्पल टनल सिंड्रोम में कलाई के पास मीडियन नर्व पर दबाव पड़ता है। इसके कारण खासकर अंगूठे, तर्जनी और बीच वाली उंगली में सुन्नपन, झनझनाहट या दर्द महसूस हो सकता है। कुछ लोगों की नींद भी इन लक्षणों की वजह से खुल जाती है।

अगर रात में बार-बार हाथ सुन्न होता है, उंगलियों में झनझनाहट बनी रहती है या हाथ से चीजें पकड़ने में परेशानी होने लगती है, तो डॉक्टर से सलाह लें। जांच के बाद ही सही कारण और उपचार तय किया जा सकता है।

3. गर्दन या कोहनी की नस पर दबाव

हाथों में सुन्नपन का संबंध गर्दन या कोहनी की नसों से भी हो सकता है। गर्दन की हड्डियों या डिस्क में बदलाव के कारण नस पर दबाव पड़ने से गर्दन से हाथ तक दर्द, झनझनाहट या कमजोरी महसूस हो सकती है।

वहीं, कोहनी को लंबे समय तक मोड़कर रखने से अल्नर नर्व पर दबाव पड़ सकता है। इस स्थिति में अक्सर छोटी उंगली और उसके पास वाली उंगली में सुन्नपन महसूस होता है।

अगर सुन्नपन बार-बार हो रहा है या इसके साथ दर्द और कमजोरी भी है, तो इसे केवल सोने की गलत पोजीशन मानकर नजरअंदाज न करें।

4. विटामिन बी12 की कमी

विटामिन बी12 शरीर की नसों के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है। इसकी कमी होने पर हाथ-पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन और कुछ मामलों में संतुलन बनाने में परेशानी जैसे लक्षण हो सकते हैं।

हालांकि, केवल हाथ सुन्न होने से विटामिन बी12 की कमी की पुष्टि नहीं की जा सकती। यदि ऐसे लक्षण लगातार बने रहते हैं, तो डॉक्टर की सलाह से जरूरी जांच करवाएं। बिना सलाह के सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है।

5. डायबिटीज के कारण नसों को नुकसान

डायबिटीज लंबे समय तक नियंत्रित न रहने पर नसों को नुकसान पहुंचा सकती है। इसे डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है। इसके लक्षणों में हाथ-पैरों में झनझनाहट, जलन, दर्द या सुन्नपन शामिल हो सकते हैं।

हालांकि, डायबिटीज से जुड़ी नसों की समस्या अक्सर पैरों में ज्यादा दिखाई देती है और हाथों का सुन्न होना इसके अलावा किसी दूसरी वजह से भी हो सकता है। अगर आपको डायबिटीज है और सुन्नपन बार-बार हो रहा है, तो डॉक्टर से जांच करवाना बेहतर है।

हाथ सुन्न होने पर कब तुरंत मदद लेनी चाहिए?

अगर हाथ अचानक सुन्न हो जाए और इसके साथ चेहरे का एक तरफ झुकना, बोलने में परेशानी, शरीर के एक तरफ कमजोरी, अचानक देखने में दिक्कत या संतुलन बिगड़ने जैसे लक्षण हों, तो यह स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत इमरजेंसी चिकित्सा सहायता लें।

इसके अलावा, अगर सुन्नपन बार-बार हो, लंबे समय तक बना रहे, बढ़ता जाए या हाथ की ताकत कम होने लगे, तो डॉक्टर से संपर्क करें।

हाथों को सुन्न होने से बचाने के लिए क्या करें?

  • सोते समय हाथों को सिर या शरीर के नीचे दबाकर न रखें।
  • कलाई और कोहनी को लंबे समय तक असहज स्थिति में मोड़कर रखने से बचें।
  • लगातार सुन्नपन या झनझनाहट होने पर खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें।
  • डायबिटीज जैसी पहले से मौजूद समस्या है, तो उसकी नियमित निगरानी करें।
  • लक्षणों के आधार पर डॉक्टर की सलाह से ही विटामिन या अन्य जांच करवाएं।

सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है, किसी बीमारी का निदान नहीं। हाथ सुन्न होने के कई कारण हो सकते हैं। लक्षण बार-बार होने, लंबे समय तक बने रहने या कमजोरी के साथ दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लें। अचानक सुन्नपन के साथ स्ट्रोक के लक्षण हों, तो तुरंत इमरजेंसी सहायता प्राप्त करें।

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