
एटा, उत्तर प्रदेश: एटा जिले में पुलिस और एक संदिग्ध बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी वीरेंद्र मारा गया। पुलिस के मुताबिक, वह पांच दिन पहले अलीगंज क्षेत्र में एक सर्राफ से हुई लूट की वारदात में कथित तौर पर शामिल था। मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हुआ, जिसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस के अनुसार, वीरेंद्र उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले का रहने वाला था। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में 53 आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, प्रत्येक मामले की प्रकृति और स्थिति अलग हो सकती है।
सर्राफ की दुकान से घर लौटते समय हुई थी लूट
जानकारी के मुताबिक, 22 अक्टूबर को अलीगंज थाना क्षेत्र के पुराहार गांव के रहने वाले सर्राफ संजय यादव अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार तीन बदमाशों ने कथित तौर पर तमंचा दिखाकर उन्हें रोक लिया और सोने-चांदी के जेवरात तथा नकदी से भरा थैला लूटकर फरार हो गए।
वारदात के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। लुटेरों का पता लगाने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ सर्विलांस टीम और एसओजी को भी लगाया गया। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश की।
जांच के दौरान वीरेंद्र का नाम सामने आने की बात कही गई। पुलिस के अनुसार, लूट में इस्तेमाल की गई नीले रंग की अपाचे बाइक चोरी की थी और उसके उन्नाव जिले से चोरी होने की जानकारी मिली थी।
सुन्ना नहर के पास कैसे हुई मुठभेड़?
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब छह बजे पिलुआ थाना क्षेत्र में सुन्ना नहर के पास चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध बाइक सवार को रुकने का इशारा किया गया। आरोप है कि उसने रुकने के बजाय बाइक की रफ्तार बढ़ा दी और पुलिस टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी।
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान वीरेंद्र को गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। गोलीबारी में सिपाही सत्यपाल के हाथ में भी गोली लगने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस दोनों घायलों को एटा मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची। वहां चिकित्सकों ने वीरेंद्र को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल सिपाही को उपचार के लिए भर्ती कराया गया।
25 अक्टूबर को घोषित हुआ था एक लाख रुपये का इनाम
एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन के हवाले से आई जानकारी के मुताबिक, वीरेंद्र पर 25 अक्टूबर को आगरा के अपर पुलिस महानिदेशक की ओर से एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस का कहना है कि वह कई आपराधिक मामलों में वांछित था।
इस मुठभेड़ के बाद पुलिस अब सर्राफ से लूट की वारदात में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। लूटकांड में अन्य लोगों की कथित भूमिका और बरामदगी से जुड़े विवरण सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और पुलिस के हवाले से दी गई जानकारी पर आधारित है। मुठभेड़ और लूटकांड से जुड़े तथ्यों की अंतिम पुष्टि आधिकारिक जांच तथा संबंधित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।



